इजराइल में धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ में 44 लोगों की मौत

यरुशलम :उत्तरी इजराइल में यहूदियों के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान शुक्रवार तड़के भगदड़ मचने से कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई है तथा 150 से अधिक लोग घायल हो गए। मीडिया ने यह जानकारी दी। माउंट मेरोन में वार्षिक धार्मिक आयोजन ‘लाग बी’ओमर’ में बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। इस दौरान पूरी रात अलाव जलाया जाता है, प्रार्थनाएं होती हैं और नृत्य का आयोजन होता है। इसी शहर में दूसरी सदी के संत रब्बी शिमोन बार योचाई का मकबरा है और इसे यहूदियों के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। इजराइल में बड़े पैमाने पर सफल टीकाकरण अभियान के बाद हाल में अनिवार्य रूप से मास्क पहनने में ढील दी गयी थी। टीकाकरण अभियान के बाद इजराइल में संक्रमण के मामलों में कमी आयी।

इसके परिणामस्वरूप ‘‘कुछ पाबंदियों के साथ जनजीवन सामान्य’’ हुआ और बृहस्पतिवार को कई युवाओं खासकर स्कूली बच्चों समेत हजारों की तादाद में लोग आयोजन स्थल पर जुटे। आयोजन के लिए हजारों रूढ़िवादी यहूदी भी रब्बी शिमोन बार योचाई के मकबरे पर आये।

इजराइल की राष्ट्रीय आपात सेवा मेगन डेविड एडम (एमडीए) के अधिकारी ने घटना में कम से कम 38 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की है और मृतक संख्या बढ़ने की आशंका भी जतायी। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे कर्मी हजारों लोगों का उपचार कर रहे हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक है। सभी घायलों को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।’’
घटना में करीब 150 लोग घायल हुए हैं। एंबुलेंस सेवा देने वाली जाका ने बताया कि मृतक संख्या बढ़कर 44 हो गयी है।

एमडीए के महानिदेशक एली बिन ने वाईनेट समाचार साइट को बताया कि घायलों को सैफेड के जीव अस्पताल, नहरिया में गैलिली मेडिकल सेंटर, हाइफा में रामबन अस्पताल, तिबरियास में पोरिया अस्पताल और यरुशलम में हदासाह इन केरेम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इजराइली वायुसेना के साथ दमकलकर्मी फंसे हुए लोगों को निकालने के काम में जुटे हैं।

पुलिस आयोजन के लिए जमा हुए हजारों लोगों को वहां से निकालने का प्रयास कर रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ कि कुछ लोग सीढ़ियों से फिसल गये जिसके बाद भगदड़ मच गयी।

स्थानीय मीडिया के अनुसार आयोजकों का अनुमान है कि बृहस्पतिवार रात करीब एक लाख लोग आयोजन स्थल पहुंचे थे और कई लोग शुक्रवार को आने वाले थे। टाइम्स ऑफ इजराइल की खबर के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इजराइल के लोगों से माउंट मेरोन नहीं जाने का अनुरोध किया है। इलाके में घनी आबादी होने के कारण बचावकर्मियों को लोगों को निकालने में मुश्किलें आ रही हैं।  आयोजन के लिए करीब 5,000 पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया था।

घटनास्थल पर मौजूद आपात सेवा देने वाले स्वयंसेवी संगठन यूनाइटेड हतजालाह के उपाध्यक्ष लजर हाइमन ने बताया, ‘‘यह अब तक की सबसे त्रासद घटना में से एक है। मैंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा था। इससे पहले 2000 में मैं ऐसी ही आपात चिकित्सकीय स्थिति में एक घटनास्थल पर था।’’ हतजालाह बचाव सेवा के प्रमुख एली बीर ने आर्मी रेडियो को बताया कि हताहतों में कई बच्चे भी शामिल हैं।

देश के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे ‘‘बड़ी त्रासदी’’ बताते हुए हर किसी से पीड़ितों के लिए प्रार्थना करने की अपील की है। इजराइल के राष्ट्रपति रुवेन रिवलिन ने पीड़ितों के प्रति संवेदना प्रकट की है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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