उत्तर प्रदेश में अब प्रशासन की अनुमति के बाद ही निकल सकेगा जुलूस, सतर्कता बरतने के निर्देश

उत्तर प्रदेश शासन ने कोरोना वायरस से संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों व होली सहित अन्य पर्वों तथा पंचायत चुनाव के दृष्टिगत मंगलवार को सभी जिलों के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करते हुए राज्य में विशेष सतर्कता और सावधानी बरतने के निर्देश दिये हैं। अब सुरक्षित दूरी का पालन करने के साथ ही सार्वजनिक स्‍थलों पर हर व्यक्ति को मास्क लगाना जरूरी होगा तथा बिना अनुमति के जुलूस नहीं निकल सकेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्‍य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने मंगलवार को प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक जोन, पुलिस महानिरीक्षक व पुलिस उपमहानिरीक्षक परिक्षेत्र, लखनऊ और गौतमबुद्धनगर के पुलिस आयुक्त तथा सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर सुरक्षित दूरी का पालन कराने और सार्वजनिक स्थान पर हर व्यक्ति को मास्‍क लगाने जैसे दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है।

तिवारी ने यह स्पष्ट हिदायत दी है कि आगामी पर्व व त्योहारों के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरती जाएगी तथा किसी भी प्रकार का जुलूस प्रशासन की अनुमति के बाद ही निकलेगा। दिशानिर्देश के मुताबिक अनुमति के बाद कोविड-19 के नियमों के पालन के साथ निकलने वाले जुलूस और सार्वजनिक कार्यक्रमों में 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों, 10 वर्ष से छोटे उम्र के बच्चों तथा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों के शामिल होने पर रोक रहेगी।

उन्होंने कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों से होली के त्योहार पर घर आ रहे लोगों की अनिवार्य रूप से जांच कराने के निर्देश दिये हैं, साथ ही कक्षा आठ तक के समस्त निजी, सरकारी तथा अर्ध सरकारी विद्यालयों में 24 मार्च से 31 मार्च तक होली का अवकाश घोषित करने को कहा है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और सोमवार को राज्य में कोविड-19 के 500 से ज्यादा नये मामले आए।

इसके बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने एक उच्‍च स्‍तरीय बैठक में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी और अधिकारियों को सख्ती से नियमों का अनुपालन कराने के लिए जवाबदेह बनाया। मुख्‍य सचिव ने अधिकारियों को कहा है कि सार्वजनिक स्थलों पर भीड़ भाड़ न होने दी जाए और इसके लिए पुलिस द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएं।

उन्होंने रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों एवं बस स्टेशनों पर यात्रियों की सघन कोविड-19 जांच कराने, कोविड हेल्‍प डेस्‍क को फिर से सक्रिय करने और सभी जिलों में समर्पित अस्पतालों की सक्रियता के साथ ही भविष्य के लिए अन्य अस्पतालों को नोटिस देकर तैयार रखने को कहा है। उन्होंने थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग करते हुए लक्षण युक्त लोगों की पहचान पर भी जोर दिया है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikipedia

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