एफबीआई ने 9/11 हमलों पर नए दस्तावेज जारी किए

वाशिंगटन, अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकवादी हमलों के लिए विमान अपहरण करने वाले सऊदी अरब के दो लोगों को मिले साजोसामान संबंधी सहयोग से जुड़ा एक गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक किया है।

दस्तावेज में बताया गया है कि अपहरणकर्ता अमेरिका में सऊदी अरब के अपने साथियों से संपर्क में थे, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं है कि इस साजिश में सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा इन दस्तावेजों को सार्वजनिक करने का आदेश देने के बाद 9/11 हमले की 20वीं बरसी पर शनिवार को ये दस्तावेज जारी किए गए ,जिन्हें वर्षों तक गोपनीय रखा गया।

अमेरिका में जारी 16 पन्नों का दस्तावेज एफबीआई द्वारा वर्ष 2015 में उस व्यक्ति के साक्षात्कार का सरांश है जो अमेरिका में सऊदी नागरिकों के संपर्क में था, जिन्होंने हमले से पहले विमान अपहरणकर्ताओं को देश में प्रवेश करने में मदद की थी।

हमले में मारे गये लोगों के परिवारों ने हाल के हफ्तों में बाइडन पर दस्तावेज जारी करने का दबाव डाला। वे लंबे समय से उन रिकॉर्ड्स को जारी करने की मांग कर रहे हैं जो न्यूयॉर्क में चल रहे उनके मुकदमे में मददगार साबित हो सकते हैं। उनका आरोप है कि सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों की हमलों में मिलीभगत थी।

सऊदी अरब सरकार हमलों में किसी भी संलिप्तता से इनकार करती रही है। वाशिंगटन में सऊदी दूतावास ने बुधवार को कहा कि वह सभी दस्तावेज जारी करने का समर्थन करता है ताकि ‘‘उसकी सरकार के खिलाफ निराधार आरोप हमेशा के लिए खत्म हो जाए।’’ ये दस्तावेज ऐसे समय सार्वजनिक किए गए हैं जब अमेरिका और सऊदी अरब के रिश्ते नाजुक दौर से गुजर रहे हैं। बाइडन प्रशासन ने फरवरी में अमेरिका में कार्यरत पत्रकार जमाल खशोगी की वर्ष 2018 में हुई हत्या के मामले सऊदी अरब के वलीअहद मोहम्मद सलमान के शामिल होने संबंधी खुफिया आकलन जारी किया था। हालांकि, शाही सदस्य को सीधे सजा देने से बचने पर डेमोक्रेट ने उसकी आलोचना की थी।

अमेरिका पर 9/11 के हमले से जुड़े दस्तावेजों को जारी करने पर पीड़ितों के रिश्तेदारों ने कहा कि यह हमले को सऊदी अरब से जोड़ने के उनके प्रयासों में उपयोगी कदम है। वर्ल्ड ट्रेड सेंटर हमले में अपने पिता ब्रूस को खो चुके ब्रेट ईगलसन ने कहा कि एफबीआई के दस्तावेज जारी होने से सच्चाई तक पहुंचने और न्याय पाने की इच्छा और तेज हुई है।

पीड़ितों के वकील जिम क्रेइंडर ने एक बयान में कहा, ‘‘एफबीआई जांच में सामने आए तथ्य और निष्कर्ष 9/11 हमले में सऊदी अरब सरकार की जिम्मेदारी तय करने के हमारे तर्क को सत्यापित करेंगे।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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