एफबीआई प्रमुख ने अमेरिका में ‘घरेलू आतंकवाद’ बढ़ने के प्रति आगाह किया

वाशिंगटन, अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो(एफबीआई) के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने जनवरी में अमेरिकी कैपिटल (संसद भवन) में हुई हिंसा को स्पष्ट तौर पर ‘‘घरेलू आतंकवाद’’ करार दिया और देश के भीतर ही तेजी से बढ़ रहे हिंसक अतिवाद के खतरे के प्रति भी आगाह किया।

रे ने छह जनवरी को हिंसा होने की आशंका संबंधी खुफिया रिपोर्ट पर अपनी एजेंसी द्वारा कार्रवाई किए जाने का पक्ष रखा। साथ ही उन दावों को सिरे से खारिज किया जिनमें रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सांसदों ने कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी गुटों ने उन दंगों की भूमिका तैयार की थी, जो हिंसक भीड़ के इमारत में घुसने के बाद शुरू हुए थे।

रे की सीनेट की न्यायिक समिति के समक्ष गवाही उन सिलसिलेवार गवाहियों में से एक है जो कैपिटल पर हमले के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसी की कार्रवाई पर केन्द्रित है।

रे ने सांसदों से कहा,‘‘ छह जनवरी की घटना कोई अकेली घटना नहीं है। घरेलू आतंकवाद की समस्या देश में लंबे वक्त से चल रही है और इसके जल्द खत्म हाने के आसार नहीं हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘ एफबीआई में हम कई वर्षों से इस पर चेतावनी दे रहे हैं।’’

कैपिटल में हुई हिंसा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 11 सितंबर 2001 को हुए हमले के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसी, जिसने अपने आप को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घटनाओं से निपटने के लिए फिर से तैयार किया , अब देश के अंदर श्वेत अमेरिकियों की हिंसा से निपटने की कोशिश में लगी है।

राष्ट्रपति जो बाइडन प्रशासन ने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक को एफबीआई और आंतरिक सुरक्षा विभाग के साथ मिल कर खतरे का आकलन करने का कार्य दिया है।

रे ने कहा कि जब 2017 में वह निदेशक बने थे तो घरेलू आतंकवाद के 1,000 मामले जांच के लिए थे लेकिन इस वर्ष के अंत तक ये 1,400 हो गए और अब फिलहाल ऐसे मामलों की संख्या दो हजार के करीब है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Pixabay

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