कथाकार के तौर पर खुद को लगातार चुनौती देने की कोशिश करती हूं: अश्विनी अय्यर तिवारी

मुंबई, फिल्मकार अश्विनी अय्यर तिवारी ने कहा कि एक कथाकार के तौर पर वह खुद को लगातार चुनौती देने की कोशिश करती रही हैं और यही वजह है कि उन्होंने अपनी आने वाली फिल्म ‘‘अनकही कहानियां’’ में कुछ अलग दिखाया है।

यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर 17 सितंबर को आने वाली है।

उन्होंने जूम पर पीटीआई-भाषा को दिए गए साक्षात्कार में कहा,‘‘प्रत्येक कहानी के साथ मेरा विचार खुद को चुनौती देने का है। अगर आप वही कह रहे हैं जो कहा जा चुका है,तो मुझे नहीं लगता कि एक कथाकार के तौर पर मैं आगे बढ़ रही हूं। एकरसता में ऊब है,वहीं जिसकी उम्मीद न हो वहीं उम्मीद करना आश्चर्यजनक है, कौतुक पैदा करता है और उसमें खुशी है।’’

तिवारी को ‘निल बटे सन्नाटा’, ’बरेली की बर्फी’ और ‘पंगा’ जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है।

तीन हिस्सों में आने वाले इस संकलन में दिखाया गया है कि किस प्रकार से कुछ तन्हा लोग बड़े शहरों में साथी और जुड़ाव पा लेते हैं। तिवारी कहती हैं कि जब निर्माता रॉनी स्क्रूवाला, आशी दुआ ने उन्हें प्रेम के विषय पर केंद्रित एंथोलॉजी की पेशकश की, तो उन्होंने भावनाओं को एक अलग स्तर पर तलाशने की सोची।

उन्होंने कहा,‘‘ कोई भी किसी भी प्रकार की प्रेम कथा से ऊब नहीं सकता,फिर चाहे वह किताब हो या फिल्म। प्रेम कथाएं हमेशा रहेंगी,लेकिन ये वक्त के साथ बदलेंगी। जैसे कि औपनिवेशिक काल से पहले की प्रेम कथाएं अगल होंगी,इसमें विछोह होगा,मिलन होगा। फिर जब आप आगे बढ़ेंगे प्रेम का अर्थ अलग हो जाता है…..प्रेम तकनीकि हो गया है, इंटरनेट डेटिंग चल रही हैं और भी बहुत कुछ।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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