कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक शिक्षिका के तबादले पर लगायी रोक

कोलकाता, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने अनुबंध पर काम कर रही एक शिक्षिका का पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा हुगली से मालदा जिले में तबादला करने के आदेश पर बुधवार को अंतरिम रोक लगा दी। हुगली से मालदा जिले की दूरी करीब 300 किलोमीटर है।

याचिकाकर्ता अनिमा नाथ उन पांच शिक्षकों में एक हैं जिन्होंने सॉल्ट लेक इलाके में राज्य के शिक्षा विभाग के मुख्यालय विकास भवन के सामने प्रदर्शन करते हुए कथित तौर पर ‘‘जहर खा लिया’’ था। ये शिक्षक दूर-दराज के संस्थानों में अपने तबादले का विरोध कर रहे थे।

याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वेतन वृद्धि समेत नौकरी से संबंधित मांगों को लेकर अनुबंध पर काम कर रहे अन्य शिक्षकों के साथ प्रदर्शन में शामिल होने के बाद प्राधिकारियों ने उन्हें तबादला आदेश जारी कर दिया।

न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने शिक्षिका के तबादले पर 30 नवंबर तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी। इस मामले पर अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।

नाथ के वकील विकास भट्टाचार्य और फिरदौस शमीम ने कहा कि तबादला आदेश जारी किया गया लेकिन सरकार की अनुबंधित शिक्षकों के लिए ऐसी कोई नीति नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि केवल 10,000 रुपये के मासिक वेतन के साथ शिक्षिका दो मकानों का खर्च नहीं उठा सकती। पहला मकान हुगली में जहां उसका परिवार रहता है और दूसरा मालदा में, जहां उसका तबादला किया गया।

शमीम ने यह भी दावा किया कि नाथ एक हाई स्कूल में अनुबंध पर पढ़ाती हैं और उनका तबादला एक मदरसे में किया गया जो नियमों के खिलाफ है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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