कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हर्ष लोढ़ा पर एम.पी. बिड़ला समूह में कोई भी पद लेने पर रोक लगायी

कोलकाता : कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हर्षवर्द्धन लोढ़ा पर एम. पी. बिड़ला समूह की किसी भी इकाई में कोई पद संभालने पर शुक्रवार को रोक लगा दी। अदालत एम. पी. बिड़ला एस्टेट के उत्तराधिकार को लेकर एक लंबित मुकदमे पर सुनवाई कर रही थी।

अदालत ने लोढ़ा के प्रियंवदा देवी की संपत्ति से किसी तरह का निजी लाभ उठाने पर भी रोक लगा दी। प्रियंवदा, एम. पी. बिड़ला की दिवंगत पत्नी है। इस संपत्ति के प्रबंधन के लिए अदालत ने एक समिति नियुक्त की है।

अदालत ने लोढ़ा पर समिति के किसी निर्णय या भविष्य में बहुमत से लिए गए ऐसे किसी भी मामले के फैसले में हस्तक्षेप करने से रोक लगा दी है जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर प्रियंवदा की संपत्ति से जुड़ा हो। भाषा

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: