कोरोना टीका ‘कोविशील्ड’ का उत्पादन पुणे में चल रहा जोरशोर से: पूनावाला

नयी दिल्ली, कोरोना महामारी से बचाव का टीका बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा है कि कोविड- 19 के टीके ‘कोविशील्ड’ का उत्पादन पूरे जोरों पर चल रहा है। बहरहाल, वह जब देश में लौटेंगे तो पूरे परिचालन की समीक्षा करेंगे।

पूनावाला वर्तमान में ब्रिटेन में हैं जहां वह अपने परिवार के सदस्यों से मिलने गये हैं।

पूनावाला ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘ब्रिटेन में अपने सभी भागीदारों और संबंधित पक्षों के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। बहरहाल, यह बताते हुये मुझे प्रसन्नता है कि पुणे में कोविशील्ड का उत्पादन पूरे जोरों से चल रहा है। कुछ ही दिन में भारत लौटने पर मैं उत्पादन कार्य की समीक्षा करूंगा।’’

भारत में कोविड- 19 टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत की जा चुकी है। तीसरे चरण में 18 से 44 आयुवर्ग के युवाओं को यह टीका लगाया जाना था लेकिन टीके की कमी के कारण कुछ राज्यों में इसकी समय पर शुरुआत नहीं हो सकी।

उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ, महाराष्ट्र और जम्मू कश्मीर सहित कुछ अन्य राज्यों और संघ शासति प्रदेशों ने टीकाकरण के तीसरे चरण की शुरुआत की है लेकिन कर्नाटक और आडीशा में इसकी सांकेतिक शुरुआती ही हो पाई।

पूनावाला ने इससे पहले शनिवार को उन पर कोविड- 19 के टीके को लेकर बनाये जा रहे दबाव के बारे में कहा। देश में तेजी से बढ़ती मांग को पूरा करने के लिये उन पर यह दबाव रहा। भारत इस समय कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है।

पूनावाला को सरकार की ओर से इस सप्ताह की शुरुआत में वाई श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई। उसके बाद ‘दि टाइम्स’ को एक साक्षात्कार में उन्होंने भारत में कुछ ताकतवर लोगों की तरफ से धमकाने वाले कॉल किये जाने की बात कही। यह कॉल कोविशील्ड की दवा की आपूर्ति को लेकर किये गये। कोविशील्ड आक्सफोर्ड..एस्ट्राजेनेका का कोविड- 19 से बचाव का टीका है जिसका एसआईआई भारत में उत्पादन कर रहा है।

उन्होंने कहा कि लंदन आने का उनका फैसला मुख्यतौर पर अपनी पत्नी और बच्चे से मिलने के लिये था। इसके अलावा इस दौरे का मकसद व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ने को लेकर भी है।

एसआईआई ने पिछले सपताह ही राज्यों के लिये अपने टीके की कीमत 400 रुपये से घटाकर 300 रुपये कर दी। इससे पहले कंपनी ने केन्द्र सरकार को कोविशील्ड 150 रुपये में उपलब्ध कराई थी।

देश में टीकाकरण अभियान में एसआईआई की कोवीशील्ड के अलावा भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Twitter

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