कोविड की दूसरी लहर को रोकने के लिए भारत ने मुश्किल कार्य को संभव कर दिखाया : जयशंकर

कुवैत सिटी, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुवैत में चिंतित प्रवासी भारतीयों को आश्वासन दिया कि भारत में कोविड​​​​-19 की दूसरी लहर कम हो रही है और सरकार ने महामारी को रोकने के लिए “मुश्किल दिख रहे कार्य को संभव कर दिखाया।’’

तेल के मामले में समृद्ध इस देश की पहली द्विपक्षीय यात्रा पर बृहस्पतिवार तड़के यहां पहुंचे जयशंकर बैठकों के समापन पर यहां प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “कोविड​​​​-19 की दूसरी लहर घटने लगी है। मई की शुरुआत की तुलना में अब नए मामलों की दैनिक संख्या कम हो रही है। संक्रमण दर में भी खासी कमी आई आयी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसका एक बड़ा हिस्सा दूसरी लहर के दौरान सरकार के व्यापक प्रयासों से संभव हुआ… अभूतपूर्व स्थिति थी और उसके जवाब में लोगों ने मुश्किल कार्य को संभव कर दिखाया।’’

जयशंकर ने कहा कि उत्पादन केंद्रों से बड़े शहरों तक चिकित्सकीय ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए सरकार ने सैकड़ों ऑक्सीजन ट्रेनें चलाईं। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर टैंकों को ढोने के लिए वायु सेना के विमानों सहित अन्य विमानों को तैनात किया गया।

उन्होंने कहा, “हमने कोविड के इलाज के लिए आवश्यक दवाएं खरीदीं। उनमें से कई विदेश से मंगवायी गयीं। हमने यह भी सुनिश्चित किया कि दवाओं का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जाए।”

टीकाकरण कार्यक्रम के संबंध में उन्होंने स्वीकार किया कि यह एक “बड़ा मुद्दा” है और प्रतिदिन 30 लाख लोगों को टीका लगाया जा रहा है तथा आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार बढ़ेगी।

जयशंकर ने कहा कि अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार शुरू हो गया है और दूसरी लहर का आर्थिक प्रभाव पिछले वर्ष की तुलना में कम होगा। विदेश मंत्री ने मदद के लिए विदेश में रह रहे भारतीय समुदाय के योगदान की भी सराहना की। इससे पहले, जयशंकर ने खाड़ी देशों में भारत के राजदूतों से मुलाकात की।

जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कुवैत के विदेश मंत्री शेख अहमद अल नासिर अल सबा से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने स्वास्थ्य, खाद्य, शिक्षा, ऊर्जा, डिजिटल क्षेत्र में और कारोबार सहयोग पर चर्चा की।

विदेश मंत्री के इस दौरे के दौरान भारत और कुवैत ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत भारतीय घरेलू कामगारों को एक कानूनी ढांचे के दायरे में लाकर उनकी भर्ती को सुव्यवस्थित करते हुए कानून का संरक्षण प्रदान किया जाएगा।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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