जिम्बाब्वे की अदालत ने मुगाबे को दोबारा राजधानी में दफनाए जाने के फैसले को बरकरार रखा

हरारे, जिम्बाब्वे की एक अदालत ने शुक्रवार को एक पारंपरिक अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया था कि पूर्व राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे की कब्र खोदकर उनके शव को राजधानी में एक राष्ट्रीय तीर्थस्थल में दफनाया जाना चाहिए।

मुगाबे के परिवार के वकील फुंगई चिमवामुरोम्बे ने कहा कि चिनहोई मजिस्ट्रेट अदालत ने मुगाबे के बच्चों की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पारंपरिक अदालत के फैसले को नजरअंदाज किया जाना चाहिए।

पूर्व राष्ट्रपति के तीन बच्चों ने जविम्बा क्षेत्र के पारंपरिक प्रमुख द्वारा मुगाबे की कब्र दोबारा खोदने के फैसले को चुनौती दी थी। मुगाबे का पैतृक आवास जविम्बा के ग्रामीण क्षेत्र में था और यहीं उनकी कब्र है।

चीफ स्टेनली वुराययी मोंडोरो ने मई में फैसला सुनाया था कि मुगाबे की विधवा ग्रेस ने पैतृक घर के परिसर में मुगाबे को दफन करके पारंपरिक रीति-रिवाजों का उल्लंघन किया था। उन्होंने अंतिम संस्कार ठीक से नहीं करने के लिए ग्रेस पर पांच गाय और एक बकरी का जुर्माना भी लगाया था।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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