नयी दिल्ली, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका जाएंगे। वहां वह विस्कॉन्सिन राज्य के मिलवॉकी शहर में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के साथ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर लगातार संपर्क में हैं। दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक 30 सितंबर को शुरू होगी। अमेरिका 2026 में जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। गोयल के मंत्रिस्तरीय बैठक के अलावा अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी संभावना है। इन बैठकों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने मई में एक बयान में कहा था कि इस साल होने वाली जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में वह अपने समकक्षों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की अगुवाई करेंगे। इनमें बंधुआ श्रम को समाप्त करना सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) सिद्धांत को अद्यतन करना खाद्य व्यापार को एक ‘हथियार’ के रूप में उपयोग करने की निंदा करना तथा संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन से निपटना शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14-15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल में जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। जी20 देशों का का समूह एक अंतरराष्ट्रीय मंच है जिसमें दुनिया की प्रमुख विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक नीतियों पर चर्चा और समन्वय के लिए शामिल होती हैं। जी20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 85 प्रतिशत और दुनिया की दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके सदस्यों में अर्जेंटीना ऑस्ट्रेलिया ब्राजील कनाडा चीन फ्रांस जर्मनी भारत इंडोनेशिया इटली जापान मेक्सिको और रूस शामिल हैं। गोयल की अमेरिका यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत कर रहे हैं।
दोनों देशों ने फरवरी में समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि अमेरिका में शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत जारी है। गोयल ने हाल में कहा था कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण तब लागू होगा जब अमेरिका यह सुनिश्चित कर सकेगा कि भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में तुलनात्मक लाभ मिले। अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत समेत कई देशों के उत्पादों पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत शुल्क लगाया है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया फोटो क्रेडिट : Wikimedia common