जी7 नेता कोरोना वायरस रोधी टीकों की एक अरब खुराकें दान करने का संकल्प लेंगे

कारबिस बे (इंग्लैंड), सात राष्ट्रों के समूह जी7 के नेता इसके शिखर सम्मेलन में कोरोना वायरस संकट से जूझ रहे दुनिया भर के देशों के साथ कोरोना वायरस रोधी टीकों की कम से कम एक अरब खुराकें साझा करने का संकल्प लेंगे। इनमें से करीब आधी खुराकें अमेरिका दान देगा जबकि 10 करोड़ खुराकें ब्रिटेन की ओर से दी जाएंगी। जी7 समूह में अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन तथा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा टीका साझेदारी संकल्प करने से दक्षिण पश्चिम इंग्लैंड में होने वाले जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए आधार तैयार हो चुका है। बाइडन ने कहा था कि शुक्रवार को इस समूह के देश तीन दिवसीय सम्मेलन में अमेरिका के साथ मिलकर अपने टीका दान करने संबंधी संकल्पों की रूपरेखा बताएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘अपने वैश्विक साझेदारों के साथ मिलकर हम इस वैश्विक महामारी से दुनिया को छुटकारा दिलाने के लिए काम करेंगे।’’ नेताओं की यह बैठक कारबिस बे के एक रिजॉर्ट में होगी और उम्मीद है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी नई जान आएगी।

शुक्रवार को निगमों पर कम से कम 15 फीसदी न्यूनतम वैश्विक कर को औपचारिक रूप से अपनाया जाएगा। आधिकारिक शिखर सम्मेलन परंपरागत तरीके से शुरू होगा। बाद में सभी नेता महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से मुलाकात करेंगे।

दुनियाभर में टीकों की आपूर्ति में असमानताओं के मद्देनजर जी7 नेताओं पर वैश्विक टीका साझा कार्यक्रम की रूपरेखा बताने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने 50 करोड़ खुराकें दान देने का संकल्प लिया है और व्यापक एवं तीव्र गति से टीकाकरण करने की खातिर सम्पन्न देशों से समन्वित प्रयास करने को कहा।

जॉनसन के कार्यालय की ओर से बताया गया कि पहली पांच करोड़ खुराकें आगामी हफ्तों में दी जाएंगी जबकि बाकी की खेप अगले वर्ष देंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि जी7 शिखर सम्मेलन में मेरे साथी नेता इसी तरह के संकल्प लेंगे और हम मिलकर अगले वर्ष के अंत तक पूरे विश्व का टीकाकरण कर सकेंगे।’’ उन्होंने उम्मीद जताई कि जी7 समूह में एक अरब खुराकें उपलब्ध करवाने का संकल्प लिया जाएगा।

इससे पहले फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने अमेरिका के संकल्प का स्वागत करते हुए कहा था कि यूरोप को भी ऐसा ही कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि साल के अंत तक फ्रांस कम से कम तीन करोड़ खुराकें दान देगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बताना अधिक जरूरी है कि हम अगले महीने कितनी खुराकें देंगे बजाए ऐसे वादे करने के जो अब से 18 महीने बाद पूरे किए जाने हैं।’’

बाइडन ने कहा कि अमेरिका द्वारा दी जाने वाली खुराक तथा जी7 में जो संकल्प लिए जाएंगे उनसे वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रम को गति मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह जिंदगियां बचाने, महामारी को खत्म करने के लिए कर रहे हैं।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Twitter

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