झारखंड में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइया को अब मिलेगा प्रति माह दो हजार रुपये का मानदेय

रांची, झारखंड सरकार ने राज्य में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइया सह सहायिका के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि करने का फैसला किया है। अब उन्हें दो हजार रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा।

राज्य सरकार ने इसके साथ ही कोविड-19 से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों व चिकित्सकों को एक माह की अतिरिक्त मानदेय राशि देने की मंजूरी भी शुक्रवार को दे दी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार शाम को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिये गये फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्रिमंडल सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि अब राज्य में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोइया को दो हजार रुपये प्रति माह मानदेय प्राप्त होगा।

उन्होंने बताया कि रिम्स के शैक्षणिक-गैर शैक्षणिक चिकित्सकों के सातवें वेतनमान के अनुसार वेतन पुनरीक्षण की स्वीकृति भी आज दी गई। इसके अलावा, ऊर्जा विभाग में ग्रामीण उपभोक्ताओं के बकाया के लिए ‘ वन टाइम सेटलमेंट’ योजना की स्वीकृति भी दी गयी।

सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिये 100 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी तथा झारखंड में अब राज्य में थोक शराब की बिक्री निजी हाथों में देने का फैसला लिया गया है।

बैठक में झारखंड राज्य वेबरेज कॉरपोरेशन को समाप्त करने का भी फैसला किया गया।

उन्होंने बताया कि रांची के गेतलसूद में 100 मेगावाट के फ्लोटिंग सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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