टीआरपी घोटाला: अदालत ने बार्क के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता की जमानत मंजूर की

मुंबई, बंबई उच्च न्यायालय ने टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) घोटाला मामले में आरोपी एवं ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) के पूर्व सीईओ पार्थो दासगुप्ता की जमानत मंगलवार को स्वीकार कर ली।

न्यायमूर्ति पी डी नाइक ने दो लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि देने में सक्षम दो जमानती पर दासगुप्ता (55) की जमानत मंजूर कर ली।

अदालत ने कहा, ‘‘जमानत याचिका मंजूरी दी जाती है। याचिकाकर्ता (दासगुप्ता) को दो लाख रुपए का निजी मुचलका जमा कराने और इतनी ही राशि देने में सक्षम जमानती मुहैया कराने के बाद जमानत पर रिहा किया जाएगा।’’

अदालत ने दासगुप्ता को छह सप्ताह के लिए समान राशि की अस्थायी नकद जमानत राशि जमा कराने की अनुमति दे दी, तब तक उन्हें दो सक्षम जमानती मुहैया कराने होंगे।

दासगुप्ता के वकील आबाद पोंडा ने अदालत से कहा कि जमानती तैयार करने और उनके दस्तावेज जमा कराने की प्रक्रिया में समय लगेगा, जिसके बाद अदालत ने यह अनुमति दी।

अदालत ने दासगुप्ता को संबंधित पुलिस थाने में अपना पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया और निर्देश दिया कि वह अदालत की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाएंगे।

उसने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता छह महीने तक हर महीने के पहले शनिवार को संबंधित पुलिस थाने में पेश होगा। इसके बाद वह तीन महीने में एक बार थाने जाएगा।’’

अदालत ने दासगुप्ता को आदेश दिया कि जब कभी आवश्यकता पड़ेगी, वह सुनवाई में शामिल होंगे और मामले के सबूतों से कोई छेड़छाड़ करने एवं गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।

दासगुप्ता ने इस साल जनवरी में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इससे पहले सत्र अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सत्र अदालत ने कहा था कि ऐसा लगता है कि दासगुप्ता ने घोटाले में अहम भूमिका निभाई और वह कथित रूप से ‘‘मुख्य षड्यंत्रकर्ता’’ हैं।

दासगुप्ता को पिछले साल 24 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया था और वह तब से जेल में हैं।

दासगुप्ता पर अपने पद का दुरूपयोग करने और रिपब्लिक टीवी चलाने वाली कंपनी एआरजी आउटलायर मीडिया एवं इस टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी से साठगांठ करके टीआरपी में छेड़छाड़ करने का आरोप है।

दासगुप्ता को 16 जनवरी को रक्त में शर्करा स्तर बढ़ने और बेहोश होने के बाद तलोजा जेल से मुम्बई के जे जे अस्पताल ले जाया गया था। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया था। दासगुप्ता को 22 जनवरी को अस्पताल से छुट्टी दी गयी थी।

दासगुप्ता को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उनके वकीलों ने उनकी जमानत याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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