तापसी पन्नू समेत कई हस्तियों ने प्रिया रमानी के बरी होने की सराहना की

मुंबई, अभिनेत्री तापसी पन्नी, ऋचा चड्ढा और फिल्मकार ओनीर समेत प्रतिष्ठित बॉलीवुड हस्तियों ने बुधवार को यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर एमजे अकबर द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मुकदमे में पत्रकार प्रिया रमानी के बरी होने की सराहना की

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रविंदर कुमार पांडे ने अकबर की ओर से दायर शिकायत को खारिज कर दिया और कहा कि रमानी के खिलाफ आरोप साबित नहीं होते हैं।

हस्तियों ने फैसले को महिलाओं और कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ ऐतिहासिक पल बताया।

ट्विटर पर पन्नू ने कहा कि फैसले ने ऐसे समय में न्याय में उनका विश्वास पैदा किया है जब दुनिया धूमिल दिख रही है।

“थप्पड़” की अभिनेत्री ने कहा, ” चारों ओर गलत और अनुचित घटनाओं के बीच, यह आशा की किरण लेकर आया है कि कहीं न कहीं हमारी आशा सच्चाई में जीवित हैं। सत्य और न्याय जिंदाबाद।”

अभिनेत्री स्वारा भास्कर ने ट्वीट किया, ” लड़कियों आगे बढ़ो।” उन्होंने साथ में हैशटैग प्रिया रमानी और हैशटैग रेबेका जोन भी ट्वीट किया।

अकबर का प्रत्यक्ष तौर पर हवाला देते हुए चड्ढा ने फैसले की सराहना की।

उन्होंने लिखा ‘ उम्मीद है मिस्टर बर्न्स अपने शेष अपमानित दिनों को अपने रेडियोधर्मी ठिकाने पर बितायेंगे।’

मिस्ट्र बर्न्स एक एनीमेटेड सीरीज द सिंपसन का खलनायक है।

निदेशक हंसल मेहता ने कहा, ” मुझे चारों ओर उल्लास देखकर लगा कि उन्हें यौन उत्पीड़न के लिए दोषी ठहराया गया था, बल्कि पीड़िता को कथित मानहानि के लिए बरी किया गया है। हमारी कितनी कम अपेक्षाएं हैं।”

रमानी ने 2018 के मीटू अभियान के मद्देनजर अकबर पर यौन कदाचार के आरोप लगाए थे।

ओनीर ने दिल्ली की अदालत के निर्णय को ऐसा फैसला बताया है जो मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने ट्वीट किया, ” यह शानदार है। यौन उत्पीड़न के मामले पर यह मील का पत्थर फैसला है। महत्वपूर्ण यह है कि अदालत ने कहा कि यह (यौन उत्पीड़न के बारे में कहना) समयबद्ध नहीं है।”

पटकथा लेखक और संपादक अपूर्वा असरानी ने कहा कि रमानी का बरी होना उन महिलाओं के लिए एक “राहत” है, जिन्होंने उनका उत्पीड़न करने वालों के बारे में बात करने हिम्मत की और कहा कि अभी यह पूरी जीत नहीं है।

उन्होंने कहा, ” एमजे अकबर को उस उत्पीड़न के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए जो उन्होंने सहन किया है। हैशटैग मीटू।, “

अभिनेत्री चिन्मयी श्रीपदा ने कहा, ” हमारे उत्पीड़क की पहचान करना और उन्हें उजागर करना हमारा अधिकार है। जब खुद में ताकत हो तो मामला दायर करें और ऐसा करने के लिए समर्थन दें।”

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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