तृणमूल कांग्रेस अवैध प्रवासियों पर निर्भर है : शाह

नगराकटा/दार्जिलिंग/विधाननगर (पश्चिम बंगाल), केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अवैध प्रवासियों के वोटों पर निर्भर है।

गौरतलब है कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख बनर्जी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शाह को अकसर ‘बाहरी’ बताकर उनपर हमला करती हैं।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि न केवल तृणमूल बल्कि वामदल भी रूस एवं चीन से (साम्यवाद की) ‘आयातित विचाराधारा’ पर निर्भर हैं और कांग्रेस को इटली से जुड़ा नेतृत्व चलाता है।

शाह ने कहा, ‘‘क्या मैं बाहरी हूं? क्या मैं इस देश का नागरिक नहीं हूं? दीदी देश के प्रधानमंत्री को भी बाहरी बताती हैं। दीदी, मैं आपको बताता हूं कि बाहरी कौन है। आपकी जानकारी कम है।’’

उन्होंने जलपाईगुड़ी के नगराकटा में रैली में कहा, ‘‘ कम्युनिस्टों ने अपनी विचारधारा चीन और रूस से आयात की है। कांग्रेस नेतृत्व भी बाहरी है — यह इटली से आया है। और तृणमूल कांग्रेस का वोट बैंक बाहरी है — अवैध प्रवासी। मेरा जन्म इस देश में हुआ है और यहीं की मिट्टी में मिल जाऊंगा। तो फिर मैं कैसे बाहरी हुआ?’’

बनर्जी भाजपा नेतृत्व पर लगभग रोजाना ही पश्चिम बंगाल में बाहरी होने का आरोप लगाती हैं और यह इल्जाम भी मढ़ती हैं कि राज्य में चल रहे विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा दूसरे राज्यों से गुंडे लाती है।

शाह ने कहा ,‘‘ ममता बनर्जी राज्य के लोगों से ज्यादा समय तक धोखा नहीं कर सकतीं, भाजपा का मुख्यमंत्री धरती पुत्र होगा।’’

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी उनका इस्तीफा मांगती हैं, लेकिन दो मई को उन्हें जाना पड़ेगा। शाह ने कहा, ‘‘यह चुनाव मेरे इस्तीफा के बारे में नहीं है, बल्कि यह आपके (बनर्जी) के लिए है।’’

बनर्जी ने कूचबिहार के सीतलकूची में दस अप्रैल को चौथे चरण के चुनाव में केंद्रीय बलों द्वारा चार लोगों की मारे जाने के बाद शाह से इस्तीफा मांगा था।

शाह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने चाय बागान के मजदूरों की मजदूरी नहीं बढ़ाई है, जबकि वह नियमित रूप से ‘‘चाय विक्रेता के बेटे’’ मोदी को गाली देती हैं।

केंद्रीय मंत्री ने सभी शरणार्थियों को नागरिकता देने का वादा किया और उन्होंने आरोप लगाया कि बनर्जी ऐसा करने में विफल रहीं क्योंकि उन्हें भय है इससे उनका वोट बैंक नाराज हो जाएगा।

शाह ने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो उत्तर बंगाल में एक एम्स अस्पताल बनवाएगी, क्योंकि इलाके के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कोलकाता जाना पड़ता है।

उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल पर प्रहार करते हुए कहा, ‘‘मोदी जी ने बंगाल को 115 योजनाएं दीं और दीदी ने 115 घोटाले दिए हैं।’’

उन्होंने कोलकाता के विधाननगर में दूसरी रैली में कहा कि वामदल, कांग्रेस और तृणमूल अवैध प्रवास रोक नहीं सकतीं क्योंकि वे उन्हें अपने वोटबैंक के रूप में देखती हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘ पश्चिम बंगाल असुरक्षित हो गया है। वह दिन दूर नहीं जब कोलकाता भी अवैध प्रवास का सामना करेगा।’’

इससे पहले दार्जिलिंग में अपनी चुनावी सभा में शाह ने कहा था, ‘‘मैं वादा करता हूं कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार – एक केंद्र में और दूसरी बंगाल में- गोरखा समस्या का स्थायी राजनीतिक समाधान निकाल लेगी। आपको अब प्रदर्शनों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।’’

हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस समस्या की बात कर रहे हैं।

गोरखा समुदाय बहुत समय से एक अलग राज्य की मांग कर रहा है और उसने पिछले कुछ वर्षों में कई आंदोलन भी किए गए।

गोरखा समुदाय को भारत का गौरव बताते हुए शाह ने कहा कि कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता।

उन्होंने कहा, ‘‘अभी के लिए राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की कोई योजना नहीं है। अगर ऐसा कुछ होता भी है तो गोरखा समुदाय को इसकी चिंता करने की जरूरत नहीं है।’’

शाह ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग में विकास कार्य पर ‘‘पूर्ण विराम’’ लगा दिया है और कहा कि यह वह स्थान है जहां सत्तारूढ़ तृणमूल के नेता फुर्सत में आते हैं।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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