दिल्ली नगर निगम उपचुनाव: चार वार्ड में आप जीती, एक में कांग्रेस, भाजपा का सूपड़ा साफ

नयी दिल्ली, दिल्ली नगर निगम के पांच वार्ड में हुए उपचुनावों के बुधवार को घोषित परिणामों में चार में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की जबकि एक कांग्रेस प्रत्याशी के खाते में गई है। वहीं भाजपा अपना खाता भी नहीं खोल पाई। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लोग दिल्ली के तीन नगर निगमों में पार्टी को सत्ता में लाना चाहते हैं और उपचुनावों का परिणाम अगले साल होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की झलक हैं।

सत्तारूढ़ आप ने कल्याणपुरी, रोहिणी-सी, त्रिलोकपुरी की सीट बरकरार रखी और शालीमार बाग सीट भाजपा से छीनी।

हालांकि आप की चौहान बांगर सीट पर कांग्रेस के चौधरी जुबैर अहमद ने जीत दर्ज की है। उन्होंने सबसे ज्यादा 10,642 वोटों के अंतर से आप उम्मीदवार को शिकस्त दी है।

कांग्रेस उपचुनाव में भले ही सिर्फ एक ही सीट जीत पाई हो, लेकिन पार्टी ने दावा किया है कि दिल्लीवासी 2022 के नगर निगम चुनाव में उसके पक्ष में होंगे।

दिल्ली की तीनों नगर निगमों पर 15 साल से शासन कर रही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि नतीजे स्पष्ट तौर पर बताते हैं कि कांग्रेस और आप ने एक-दूसरे से हाथ मिला लिया था और भगवा दल को हराने के लिए “मैच फिक्सिंग” हुई है।

पांच में से चार सीटें इसलिए खाली हुई थी, क्योंकि आप के पार्षदों ने विधानसभा चुनाव लड़ा था और जीत गए थे जबकि शालीमार बाग से भाजपा के पार्षद का निधन हो गया था।

रोहिणी-सी वार्ड 2017 में बहुजन समाज पार्टी ने जीती थी। विजेता पार्षद ने 2020 का दिल्ली विधानसभा चुनाव आप की टिकट पर लड़ा।

डीडीयू मार्ग पर आप कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ जीत का जश्न मनाने पहुंचे केजरीवाल ने कहा, ‘अगले साल नगर निगम चुनाव में किस तरह के नतीजों की उम्मीद की जा सकती है, यह नतीजे उसके संकेत हैं। हम इसका इंतजार कर रहे हैं। शहर को साफ एवं स्वच्छ बनाएंगे।’

उपचुनाव में खाता खोलने में भी नाकाम रही भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ भाजपा का एक भी सीट नहीं जीतना दिखाता है कि लोगों ने उसके द्वारा शासित एमसीडी में भ्रष्टाचार एवं चोरी को खारिज किया है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास एवं दिल्ली जल बोर्ड कार्यालय पर तोड़-फोड़ के जरिए की गई हिंसा की राजनीति को जनता ने नकार दिया है।’

उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के लोगों ने भाजपा को निगम में उसकी ‘अक्षमता’ के कारण हराया और वे बदलाव चाहते हैं।

केजरीवाल ने कहा, ‘ एमसीडी का मतलब है, मोस्ट करप्ट डिपार्टमेंट (सबसे भ्रष्ट विभाग) और जनता अब इस भ्रष्टाचार को नहीं चाहती। वह चाहती है कि जिस प्रभावी तरीके से दिल्ली सरकार काम कर रही है, उसी तरह नगर निगम भी काम करे।’

उपचुनाव में पार्टी की जीत के बाद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली के लोगों ने एक बार फिर से काम के नाम पर वोट दिया। सबको बधाई। एमसीडी में 15 साल के भाजपा के कुशासन से जनता परेशान हो चुकी है। लोग अब एमसीडी में भी आम आदमी पार्टी का शासन लाने के लिए बेताब हैं।’’

कल्याणपुरी वार्ड से आप उम्मीदवार धीरेंद्र कुमार ने 7,043 मतों से जीत दर्ज की। त्रिलोकपुरी से आप उम्मीदवार विजय कुमार ने भाजपा के ओम प्रकाश को 4,986 मतों से हराया। शालीमार बाग नॉर्थ वार्ड से आप की सुनीता मिश्रा ने अपनी प्रतिद्वंद्वी भाजपा की सुरभि जाजू को 2,705 मतों से हराया, यह सीट पहले भाजपा के पास थी। रोहिणी-सी से आप के राम चंदर ने भाजपा के अपने प्रतिद्वंद्वी राकेश गोयल को 2,985 मतों से हराया।

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट करके जीत के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और कहा कि लोग भाजपा से परेशान हो चुके हैं और अगले साल दिल्ली एमसीडी के चुनाव में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सच्चाई की राजनीति और काम को मौका देंगे।

दिल्ली कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि पार्टी उम्मीदवार चौधरी जुबैर अहमद ने रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की है जो जनता के प्यार और कांग्रेस उम्मीदवारों की कड़ी मेहनत की बानगी है। जुबैर अहमद उपचुनाव में मतों के सर्वाधिक अंतर से जीते हैं।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल कुमार ने यहां प्रेस वार्ता में कहा कि पांच वार्डों में हुए एमसीडी के उपचुनाव के नतीजे अगले साल होने वाले तीनों निगमों के चुनाव के लिए कांग्रेस को मजबूती से खड़ा करते हैं।

कुमार ने एक ट्वीट में कहा कि चौहान बांगर में कांग्रेस की जीत दिखाती है कि कांग्रेस में लोगों का विश्वास बढ़ रहा था और यह पार्टी के “पुनरुद्धार” का संदेश है।

नगर निगम के पांच वार्ड के लिए 28 फरवरी को उपचुनाव हुए थे। इनमें 50 फीसदी से अधिक मतदान हुआ था।

दिल्ली में उत्तर दिल्ली नगर निगम, पूर्वी दिल्ली नगर निगम और दक्षिण दिल्ली नगर निगम हैं।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: