दिल्ली मेट्रो के एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के लिए ‘रिज’ के एक हिस्से का हो सकता है इस्तेमाल

नयी दिल्ली, दिल्ली मेट्रो की चौथे चरण की विस्तार योजना के तहत एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के एक खंड के निर्माण के लिए रिज (वन क्षेत्र) का एक हिस्सा भी इसकी जद में आ सकता है। आरटीआई पर मिले जवाब में इसका खुलासा हुआ है।

सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत आवेदन दाखिल कर इस संबंध में जवाब मांगा गया था। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) और शहर के वन विभाग के बीच मंजूरी अनुरोध और पत्र व्यवहार से पता चलता है कि डीएमआरसी ने रिज प्रबंधन बोर्ड को 2019 में एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर के निर्माण के लिए वन क्षेत्र के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया था।

दस्तावेज के मुताबिक प्रस्तावित कॉरिडोर का 5.55 किलोमीटर हिस्सा रिज क्षेत्र में आता है।

दस्तावेज में कहा गया कि 50,875 वर्ग मीटर वन भूमि में से 8,005 वर्ग मीटर और 42,870 वर्ग मीटर क्षेत्र को क्रमश: स्थायी और अस्थायी तौर पर आवंटित किए जाने का अनुरोध किया गया।

इसके बाद डीएमआरसी ने वन विभाग को मार्च 2020 में एक पत्र भेजा जिससे खुलासा हुआ कि डीएमआरसी ने शुरुआती प्रस्ताव में कुछ बदलाव किए हैं।

पत्र में कहा गया, ‘‘एरोसिटी-तुगलकाबाद कॉरिडोर (पूर्व में तीन स्थान बताया गया) चार स्थानों पर रिज क्षेत्र से होकर गुजरता है।’’

इसमें कहा गया, ‘‘महिपालपुर, किशनगढ़, इग्नू और मां आनंदमयी मार्ग पर स्टेशनों के निर्माण के लिए 82,426 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होगी। प्रवेश-निकास, संबद्ध भवन, शाफ्ट आदि के लिए 82,426 वर्ग मीटर में से केवल 14,324 वर्ग मीटर क्षेत्र की स्थायी आधार पर जरूरत होगी और परियोजना के निर्माण के लिए अस्थायी आधार पर 68,102 वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता होगी।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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