देश को आत्मनिर्भर बनाने वाली नीतियों को लागू करें: उपराष्ट्रपति ने लोक सेवकों से किया आह्वान

नयी दिल्ली, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को नौकरशाहों से कहा कि वह भारत की शासन प्रणाली को नया आकार देते रहें जिसमें संवैधानिक मूल्यों के साथ ही लोगों की आकांक्षाएं भी प्रतिबिंबित हों।

सिविल सेवा दिवस के अवसर पर उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा कि सभी लोक सेवकों के लिए यह , शासन में बदलाव लाने और जन कल्याणकारी नीतियों के कारगर क्रियान्वयन का मौका है जिससे देश आत्मनिर्भर बन सके और विश्व में भारत अपने उचित स्थान को हासिल करे।

उन्होंने कहा, ‘‘आज सिविल सेवा दिवस पर सभी सिविल सेवकों को हार्दिक शुभकामनाएं! हमारी लोकतान्त्रिक शासन प्रणाली में जन-कल्याणकारी नीतियों के कारगर कार्यान्वयन और राष्ट्र की प्रगति में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। महामारी के इस दौर में सिविल सेवकों ने प्रसंशनीय कार्य किया है।’’

नायडू ने कहा कि आज ही के दिन 1947 में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने लोक सेवकों को ‘‘देश का लौह ढांचा’’ करार दिया था।

उप राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास-समावेशी शासन का आदर्श है। आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्य के अनुरूप रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र को सिद्ध करें।’’

भारत सरकार ने वर्ष 2006 से प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को ‘सिविल सेवा दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी।

आज ही के दिन 1947 में देश के पहले गृह मंत्री वल्लभ भाई पटेल ने राजधानी स्थित मेटकॉफ हाउस में प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को संबोधित किया था।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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