नवोन्मेष को प्रोत्साहित करने वाली योजना पर हर्ष वर्धन ने जागरुकता कार्यक्रम का उद्घाटन किया

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्ष वर्धन ने मंगलवार को व्यक्तिगत नवोन्मेषकों को प्रौद्योगिकी क्षेत्र के सफल उद्यमी में बदलने के उद्देश्य से शुरू की गई योजनाओं के बारे में जागरुकता फैलाने के लिये एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की ‘व्यक्तियों, शुरुआतियों और एमएसएमई में नवप्रवर्तनों को प्रोत्साहन’ (प्रिज्म) योजना के तहत एक नवप्रवर्तक- छात्र, पेशेवर या आम नागरिक- को विचार के विकास, शुरुआती विकास और प्रारंभिक उपकरण या अनुसंधान व पेटेंट कराने के लिये तकनीकी, रणनीतिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

ऊर्जा से लेकर स्वास्थ्य तथा अपशिष्ट प्रबंधन से लेकर कई दूसरे क्षेत्रों में इस योजना को लागू किया जा रहा है।

देश भर में स्थित डीएसआईआर के केंद्रों के जरिये इस योजना के तहत शुरुआती नवोन्मेष चरण तथा उद्यमिता की तैयारी के लिये अग्रिम चरण, दोनों के लिये अनुदान दिया जाता है।

कार्यक्रम में हर्ष वर्धन ने कहा कि प्रिज्म योजना भारत के समावेशी विकास को साकार करने वाले व्यक्तिगत नवप्रवर्तकों की सहायता करने में अहम भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा, “यह उल्लेखनीय है कि प्रिज्म योजना भारत के ऐसे किसी भी नागरिक की मददगार है जो वहनीय स्वास्थ्य देखभाल, जल, अवजल प्रबंधन, कचरे से संपदा बनाने जैसे क्षेत्रों में मूल प्रौद्योगिकी की दिशा में नया करने का इच्छुक है। इसमें सीधे उस व्यक्ति को लाभ मिलता है।”

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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