न्यूजीलैंड की मस्जिदों पर हुए हमले पर बनने वाली फिल्म पर विवाद

वेलिंगटन, न्यूजीलैंड की मस्जिदों पर एक बंदूकधारी के हमले और बड़ी संख्या में नमाजियों की हत्या पर प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न की प्रतिक्रिया पर बनने वाली एक फिल्म पर विवाद पैदा हो गया है और कहा जा रहा है कि इस फिल्म में उनका पक्ष नहीं दिखाया गया जो हमले में मारे गए थे।

हॉलीवुड पर समाचार देने वाली ऑनलाइन पत्रिका ‘डेडलाइन’ की खबर के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई अभिनेत्री रोज बायर्न “दे आर अस” नाम से बनने वाली फिल्म में आर्डर्न का किरदार निभाने वाली हैं। फिल्म में, क्राइस्टचर्च स्थित दो मस्जिदों में 2019 में हुए हमलों के बाद के दिनों की परिस्थिति को दर्शाया जाएगा।

डेडलाइन के अनुसार, फिल्म में यह दिखाया जाएगा कि आर्डर्न ने उन हमलों पर किस प्रकार प्रतिक्रिया दी थी और कैसे उनके आह्वान पर लोगों ने सहानुभूति तथा एकता का प्रदर्शन करते हुए रैलियां निकाली थीं। फिल्म में यह भी दिखाया जाएगा कि प्रधानमंत्री ने कैसे ‘सेमी आटोमेटिक’ हथियारों पर प्रतिबंध लगाने में सफलता पाई।

फिल्म का शीर्षक हमले के बाद आर्डर्न द्वारा दिए गए भाषण से लिया गया है जिसे दुनियाभर से सराहना मिली थी। न्यूजीलैंड में बहुत से लोग इस फिल्म के निर्माण से चिंतित हैं। हमले में मारे गए हुसैन के छोटे भाई अया अल उमरी ने ट्विटर पर अपनी नाराजगी व्यक्त की।

‘मुस्लिम एसोसिएशन ऑफ कैंटरबरी’ के प्रवक्ता अबदिगानी अली ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को लगा कि हमलों की कहानी बताई जानी चाहिए लेकिन हम चाहते कि यह सुनिश्चित किया जाए कि यह काम उचित, सही और संवेदनशील तरीके से किया जाना चाहिए।

लेखिका और वकील टीना नगाटा ने ट्वीट किया कि मुस्लिमों की हत्या के परिप्रेक्ष्य में एक श्वेत महिला की ताकत का प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक संक्षिप्त बयान में कहा गया कि फिल्म से आर्डर्न या उनकी सरकार का कोई संबंध नहीं है। बायर्न के एजेंट और ‘फिल्म नेशन’ ने अभी तक इस फिल्म पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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