पश्चिमी तट, यरुशलम और गाजा में हो रहे घटनाक्रम पर भारत ने जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र, भारत ने पश्चिमी तट (वेस्ट बैंक), यरुशलम और गाजा में हो रहे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए इजराइल तथा फलस्तीन के बीच कायम शांति भंग करने के उद्देश्य से उठाए गए किसी भी कदम के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा “कड़ा संदेश” दिए जाने के महत्व को रेखांकित किया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी उप प्रतिनिधि आर. रवींद्र ने सुरक्षा परिषद में फलस्तीन पर आयोजित एक बैठक में कहा कि भारत मसाफर यत्ता में हो रहे घटनाक्रम को लेकर भी चिंतित है। उन्होंने कहा कि फलस्तीनी परिवारों को वैध तरीके से निष्कासित करने के मुद्दे पर तनाव बढ़ गया है।

रविंद्र ने सोमवार को कहा, ‘‘वेस्ट बैंक, यरुशलम और गाजा में हो रहे घटनाक्रम को लेकर हम चिंतित हैं। हिंसक हमले और नागरिकों की हत्याओं में कई फलस्तीनी तथा इजराइली लोगों को जान गई है।”

उन्होंने कहा, “विध्वंस और उकसाने के कार्य किये जा रहे हैं। हमने सभी प्रकार की हिंसक कार्रवाई की भर्त्सना की है और हिंसा को पूरी तरह समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराते हैं।”

उन्होंने कहा कि यथास्थिति को बदलने और दो राज्यों के समाधान को खत्म करने के सभी एकपक्षीय कदम से परहेज किया जाना चाहिए।

रविंद्र ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा इस परिषद के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि इजराइल और फलस्तीन के बीच कायम शांति को भंग करने के इरादे से उठाए गए किसी भी कदम के प्रति कड़ा संदेश दिया जाए।”

उन्होंने कहा कि भारत दो राज्यों वाले समाधान की दिशा में हो रहे प्रयासों को समर्थन देता रहेगा तथा ऐसे प्रयासों में रचनात्मक सहयोग के लिए हमेशा तैयार है।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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