पाकिस्तान पहुंचे अमेरिकी दूत, तालिबान-अफगानिस्तान के बीच तत्काल राजनीतिक समाधन का आह्वान किया

इस्लामाबाद, अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि जे खलीलजाद ने सोमवार को पाकिस्तान के नेतृत्व से मुलाकात की और तालिबान तथा अफगान सरकार के बीच तत्काल राजनीतिक समाधान का आह्वान किया।

यहां अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, खलीलजाद ने पाकिस्तान का एक दिवसीय दौरा किया और प्रधान मंत्री इमरान खान तथा सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से मुलाकात की।

बयान में कहा गया है, ‘राजदूत खलीलज़ाद ने इस्लामी गणराज्य अफगानिस्तान और तालिबान के बीच, स्थायी शांति की ओर ले जाने वाले और अफगानिस्तान की सुरक्षा, संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने वाले व्यापक राजनीतिक समझौते की तात्कालिकता पर जोर दिया है।’

बयान में कहा गया है कि अफगानिस्तान में जारी युद्ध पूरे क्षेत्र के लिए एक खतरा है और इसके विकास को रोकता है। इसके विपरीत शांति क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार व विकास को बढ़ाएगी।

बयान में कहा गया है, ‘हम इस विचार को हकीकत में बदलने के लिये अपने हिस्से के प्रयास करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। अफगानिस्तान शांति प्रक्रिया के लिए ठोस और भौतिक समर्थन उसी तरह इसकी अंतिम सफलता के लिए महत्वपूर्ण है, जिस तरह अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सकारात्मक दीर्घकालिक संबंध हैं।’

एक आधिकारिक बयान के अनुसार खलीलजाद के साथ एक बैठक में प्रधान मंत्री खान ने कहा कि अफगान संघर्ष पाकिस्तान के हित में नहीं है। उन्होंने कहा, ‘अफगानिस्तान में स्थायी शांति से क्षेत्रीय आर्थिक संपर्क के रास्ते खुलेंगे।’

खलीलजाद क्षेत्र के दौरे के तहत इस्लामाबाद पहुंचे थे। वह कतर से यहां पहुंचे, जहां तालिबान और अफगान सरकार के प्रतिनिधियों ने दो दिन वार्ता की, जो रविवार देर रात समाप्त हुई। इस वार्ता में युद्धरत पक्षों द्वारा फिर से साथ लाने का वादा किया गया।

खलीलजाद की यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब पाकिस्तान में अफगानिस्तान के राजदूत नजीबुल्लाह अलीखिल की बेटी सिलसिला अलीखिल के अपहरण और हमले के मुद्दे पर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंधों में तल्खी आई है।

अलीखिल की ओर से पुलिस को दिए गए बयान में कहा गया था कि वह एक उपहार खरीदने गई थीं और उन्होंने एक टैक्सी किराए पर ली। लौटते वक्त पांच मिनट की यात्रा के बाद टैक्सी चालक वाहन सड़क किनारे ले गया। वहीं एक और व्यक्ति आ गया और उस पर चिल्लाने लगा और उसके बाद उसने मारपीट शुरू कर दी। राजदूत की बेटी ने कहा,‘‘ मैं डर के मारे बेहोश हो गई।’’

अलीखिल ने कहा था कि होश आने पर उन्होंने खुद को ‘‘गंदे स्थान’’ पर पाया। इसके बाद उन्होंने पास के एक पार्क में जाने के लिए टैक्सी की और वहां से अपने पिता के सहयोगी को फोन किया,जो उन्हें घर ले कर गए।

हालांकि पाकिस्तान पुलिस ने कहा है कि इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि सिलसिला का अपहरण किया गया था।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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