पेट्रोल, डीजल की कीमतों में वृद्धि, और महंगे होने की आशंका

नयी दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतें तीन साल में पहली बार 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने के साथ ही मंगलवार को पेट्रोल की कीमत में 20 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 25 पैसे की वृद्धि हुई।

सरकारी खुदरा ईंधन विक्रेताओं की मूल्य अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल की कीमत दिल्ली में 101.19 रुपये से बढ़ाकर 101.39 रुपये प्रति लीटर, और मुंबई में 107.47 रुपये प्रति लीटर कर दी गयी।

वहीं डीजल के दाम दिल्ली में 89.57 रुपये और मुंबई में 97.21 रुपये प्रति लीटर हो गए।

स्थानीय करों के आधार पर कीमतें राज्यों में अलग-अलग होती हैं।

दो महीने से ज्यादा समय में पेट्रोल की कीमतों में यह पहली और डीजल के मामले में चौथी वृद्धि है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में लगातार पांचवें दिन बढ़ोतरी हुई। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट के 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने के बाद यह वृद्धि हुई।

सरकार के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (एचपीसीएल) ने 24 सितंबर को दैनिक मूल्य बदलाव फिर से शुरू कर दिया जिसके साथ ही पांच सितंबर से मूल्य वृद्धि पर लगी रोक समाप्त हो गयी।

24 सितंबर के बाद से डीजल की चौथी बार कीमतें बढ़ायी गयीं। तब से कुल मिलाकर, डीजल की कीमतों में 95 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है, जबकि 18 जुलाई से पांच सितंबर के बीच कीमतों में कुल 1.25 रुपये प्रति लीटर की कमी हुई थी।

इससे पहले डीजल की कीमत में आखिरी बार 15 जुलाई और पेट्रोल की कीमत में आखिरी बार 17 जुलाई को वृद्धि की गयी थी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लगभग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी हैं क्योंकि दुनिया भर में उत्पादन के बाधित होने से ऊर्जा कंपनियां अपने भंडार से अधिक कच्चा तेल निकालने के लिए मजबूर हुई हैं।

इस हिसाब से अमेरिका का कच्चे तेल का भंडार भी तीन साल के निचले स्तर के करीब है।

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क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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