बिहार में विद्यालय 18 अप्रैल तक बंद, दुकानें व प्रतिष्ठान शाम 7 बजे के बाद नहीं खुलेंगे

पटना, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न कोविड-19 से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण में वृद्धि के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों को 18 अप्रैल तक तथा दुकानों एवं प्रतिष्ठानों को 30 अप्रैल तक शाम सात बजे के बाद बंद रखने का निर्णय लिया गया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण का फैलाव राज्य में बढ़ने लगा है, संक्रमितों की संख्या भी बढ़ रही है और इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सचेत और सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना जांच की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ टीकाकरण में और तेजी लायें। उन्होंने कहा कि कोविड निर्दिष्ट अस्पतालों में सारी तैयारी रखें और आवश्यकतानुसार अनुमंडल स्तर पर पृथक-वास केंद्र की व्यवस्था तैयार रखें।

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री के साथ कोविड-19 को लेकर सभी राज्य के मुख्यमंत्री के साथ बैठक हुई थी जिसमें कई बातों की चर्चा हुई थी। प्रधानमंत्री ने 11 अप्रैल से 14 अप्रैल तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाने की बात कही है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि विशेष टीकाकरण अभियान के दौरान राज्य में प्रतिदिन 4 लाख टीका लगाने का लक्ष्य रखें।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्यपाल के स्तर पर सर्वदलीय बैठक की भी बात कही है। हम लोग इस संबंध में राज्यपाल महोदय से संपर्क कर जल्द से जल्द सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का आग्रह करेंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए आपदा प्रबंधन समूह सभी स्कूल कॉलेज एवं कोचिंग संस्थान 18 अप्रैल तक बंद रखें। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर सरकारी एवं निजी कार्यक्रमों पर रोक लगाएं ताकि संक्रमण का खतरा कम से कम हो। उन्होंने कहा कि लोगों को कोरोना के प्रति सतर्क और सजग करते रहना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक रूप से घुमने एवं एकत्रित होने पर कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है जिसको ध्यान में रखते हुए 30 अप्रैल तक शाम सात बजे के बाद दुकानों और प्रतिष्ठानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। चार दिन बाद पुनः कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यकतानुसार फैसला लिया जाएगा।

यह पूछे जाने पर कि इसे आंशिक लॉकडाउन या रात्रि कर्फ्यू लागू होगा या नहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी लॉकडाउन की बात तो हो ही नहीं रही है और रात्रि कर्फ्यू के बारे में हम लोगों ने नहीं सोचा है। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामले के तेजी से बढ़ने पर तब बैठक कर आगे का निर्णय लेंगे ।

इस बीच बिहार के गृह विभाग के विशेष शाखा द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि दुकानों, प्रतिष्ठानों में सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। दुकानों, प्रतिष्ठानों के काउंटर पर दुकानदार कर्मियों एवं आगंतुकों के उपयोग के लिए सैनिटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाएगी। रेस्टोरेंट, ढाबा और भोजनालय निर्धारित बैठने की क्षमता के 50 प्रतिशत का उपयोग करेंगे।

नीतीश ने कहा कि इस बार अभी लॉकडाउन की स्थिति नहीं है। बाहर से आने वाले लोगों के लिए अनुमण्डल स्तर पर क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के प्रति हम सभी को सजग रहना है। महाराष्ट्र से आने वाले लोगों को सभी ठहराव वाले जगहों के रेलवे स्टेशनों पर ही जांच किया जा रहा है। जांच में पॉजिटिव पाए जाने वाले लोगों को आइसोलेशन में रखने के लिए पूरी व्यवस्था की गयी है। आज महाराष्ट्र से आये एक ट्रेन से 17 लोग संक्रमित पाए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर से आने वाले सभी लोगों की टेस्टिंग होगी और रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर उनके उपचार की पूरी तैयारी की गयी है। यदि रिपोर्ट निगेटिव आती है तो भी उन्हें कुछ दिनों तक घर में ही रहने की सलाह दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि 11 अप्रैल से 14 अप्रैल के बीच विशेष टीकाकरण अभियान चलाकर 45 वर्ष और उससे ऊपर के लोगों को टीका दिया जाएगा। इस टीकाकरण अभियान में चार लाख लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। इसके अलावा पूरे बिहार में लोगों को प्रेरित कर टीकाकरण का काम तेजी से किया जाएगा।

गृह विभाग के विशेष शाखा द्वारा जारी उक्त आदेश में कहा गया है कि सभी सिनेमा हॉल बैठने की निर्धारित क्षमता के 50 प्रतिशत का उपयोग करेंगे । सभी पार्कों एवं उद्यानों में मास्क का उपयोग तथा कोविड बचाव के अनुकूल व्यवहार करना अनिवार्य होगा। सभी धार्मिक स्थल आमजनों के लिए बंद रहेंगे।

आदेश में कहा गया है सरकारी कार्यालयों में उप सचिव या समकक्ष तथा उनसे वरीय अधिकारी शत.प्रतिशत एवं उनसे कनीय अधीनस्थ अधिकारी, कर्मचारी प्रतिदिन बारी.बारी से 33 प्रतिशत उपस्थित रहेंगे। आवश्यक सेवाओं यथा पुलिस, फायरब्रिगेड, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, डाक इत्यादि से संबंधित विभागों पर ये शर्तें लागू नहीं होंगी। सरकारी कार्यालयों में सामान्य आगंतुकों के प्रवेश पर रोक रहेगी। निजी कार्यालयों एवं संस्थाओं के व्यावसायिक, गैर व्यावसायिक कार्यालयों को 33 प्रतिशत कर्मियों के साथ खोलने की अनुमति होगी। औद्योगिक प्रतिष्ठानों पर यह बंधेज लागू नहीं होगा। सार्वजनिक स्थलों पर किसी भी प्रकार के आयोजनों सरकारी एवं निजी. पर रोक रहेगी। गृह विभाग के विशेष शाखा द्वारा जारी उक्त आदेश में कहा गया है कि अंतिम संस्कार के लिए 50 तथा श्राद्ध एवं विवाह के लिए 200 व्यक्ति की अधिसीमा रहेगी। सार्वजनिक परिवहन में निर्धारित बैठने की क्षमता के 50 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति रहेगी।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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