भाजपा बंगाल में बनी प्रमुख विपक्षी पार्टी, करते रहेंगे विचारधारा का विस्तार: नड्डा

नयी दिल्ली, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने रविवार को कहा कि कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की बदौलत पार्टी पश्चिम बंगाल में प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरी है और वह अपनी विचारधारा का विस्तार करती रहेगी तथा ‘‘सोनार बांग्ला’’ के सपने को पूरा करने के लिए काम करेगी।

नड्डा ने कहा कि भाजपा जनादेश का सम्मान करती है और बंगाल की जनता के प्रति आभार प्रकट करती है।

उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट कर बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष सहित सभी कार्यकर्ताओं को कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने और सोनार बांग्ला के स्वप्न को पूरा करने के लिए भाजपा काम करती रहेगी।’’

उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत की बदौलत राज्य में भाजपा आज प्रमुख विपक्षी दल के रूप में उभरी है।

नड्डा ने भाजपा पर विश्वास जताने के लिए असम और पुडुचेरी की जनता का भी धन्यवाद किया और साथ ही तमिलनाडु और केरल के जनादेश का सम्मान किया।

इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम के स्टालिन को क्रमश: पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनावी जीत पर रविवार को बधाई दी ।

केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट में केरल के मुख्यमंत्री एवं माकपा नेता पी विजयन की राज्य विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की जीत के लिये सराहना की ।

सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा और असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए बधाई दी ।

उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी नीत सरकार और राज्य में सोनोवाल के नेतृत्व वाली सरकार की लोकोन्मुखी नीतियों ने असम में विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत हासिल करने में मदद की ।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी को बधाई देते हुए सिंह ने उन्हें अगले कार्यकाल के लिये शुभकामनाएं दी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विजयन को बधाई दी, साथ ही द्रमुक सुप्रीमो एम के स्टालिन को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की जीत के लिये बधाई दी ।

गौरतलब है कि चार राज्यों और केंद्र शासित पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों में लगभग साफ है कि पश्चिम बंगाल, असम और केरल में सत्तारूढ़ दल फिर से सरकार बना रहे हैं जबकि तमिलनाडु और पुडुचेरी में विपक्षी दलों का गठबंधन सत्ता में आ रहा है।

चुनावी राज्यों में सबकी नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी थी और वहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने सत्ता की हैट्रिक लगाई है। असम में भाजपा और केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सत्ता में वापस लौटा है।

तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक की अगुवाई वाला गठबंधन एक दशक बाद सत्ता में वापसी कर रहा है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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