भाजपा सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति को साबित करता है केन्द्रीय मंत्री और और हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान : मायावती

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा के ‘दो मिनट में सुधर जाने’ और इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ‘जैसे को तैसा’ बयान वाला वीडियो प्रसारित होने के मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की जनविरोधी और तानाशाही प्रवृत्ति को साबित करता है।

बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार की शाम ट्वीट किया, ‘‘हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर द्वारा आन्दोलित किसानों के लिए लाठियों-डंडों से जैसे को तैसा जवाब देकर जेल जाने व नेता बन जाने का भाजपा कार्यकर्ताओं को दिए गए भड़काऊ निर्देश का वीडियो वायरल, हिंसा बढ़ाने वाले मुख्यमंत्री के इस बयान की जितनी भी निंदा व भर्त्सना की जाए वह कम है।’

सिलसिलेवार ट्वीट में मायावती ने कहा, ‘‘केंद्रीय गृह राज्य मंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों को दो मिनट में देख लेने की धमकी के बाद वहाँ कल हुई व्यापक हिंसा में आठ लोगों की मौत व इसी बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री का ऐसा घिनौना बयान भाजपा सरकार की घोर जनविरोधी व तानाशाही प्रवृति को साबित करता है।’

गृह राज्य मंत्री और लखीमपुर खीरी के सांसद अजय कुमार मिश्रा का कुछ दिनों पहले अपने गृह जिले की एक सभा में किसानों को दी गई चेतावनी का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है जिसमें उन्हें किसान आंदोलन के संदर्भ में कहते सुना जा सकता है कि “सामना करो आकर, हम आपको सुधार देंगे, दो मिनट लगेगा केवल।”

एक समारोह में मंच से गृह राज्यमंत्री कह रहे हैं, “मैं केवल मंत्री नहीं हूं, सांसद, विधायक भर नहीं हूं, जो विधायक और सांसद बनने से पहले मेरे विषय में जानते होंगे उनको यह भी मालूम होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूं।” मिश्रा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार करके काम कर लिया उस दिन पलिया नहीं, लखीमपुर तक छोड़ना पड़ जाएगा, यह याद रहे।”

जानकारों के अनुसार मिश्रा पिछले महीने के आखिरी हफ्ते अपने संसदीय क्षेत्र में गये थे जहां कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए। इससे गृह राज्य मंत्री नाराज हो गये और उन्होंने काले झंडे दिखाने वालों को यह गंभीर चेतावनी दे दी।

इसके बाद से किसान उनसे नाराज थे और बनबीरपुर में उनके पैतृक गांव में आयोजित एक समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाने का विरोध कर रहे थे, जिसके परिणाम स्वरूप रविवार को हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गये।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा की एक बैठक के दौरान “जैसे को तैसा” करने के बारे में कहा, जब उन्होंने वहां मौजूद लोगों से 500 से 1000 लोगों का समूह बनाने और जेल जाने के लिये भी तैयार रहने को कहा। इस पर, विपक्षी दलों और किसान संगठनों ने आरोप लगाया कि वह भाजपा समर्थकों से केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर हमले के लिए कह रहे थे।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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