भारतीय एआई स्टार्टअप को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में काम करना चाहिए: प्रधानमंत्री मोदी

 नयी दिल्ली  आठ जनवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारत पर दुनिया का विश्वास ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भारतीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मॉडल नैतिक  निष्पक्ष और पारदर्शी होने के साथ-साथ डेटा गोपनीयता सिद्धांतों पर आधारित हों।

                 उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप को इस देश से वैश्विक नेतृत्व की दिशा में काम करना चाहिए और उल्लेख किया कि भारत वहनीय एआई  समावेशी एआई और मितव्ययी नवाचार को विश्व स्तर पर बढ़ावा दे सकता है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार  ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ से पहले  भारतीय एआई स्टार्टअप के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए मोदी ने सुझाव दिया कि भारतीय एआई मॉडल विशिष्ट होने चाहिए और उन्हें स्थानीय और स्वदेशी सामग्री तथा क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देना चाहिए।

                 प्रधानमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता उद्यमी देश के भविष्य के सह-निर्माता हैं।

                 अगले महीने आयोजित होने वाले  एआई फॉर ऑल: ग्लोबल इम्पैक्ट चैलेंज  शिखर सम्मेलन के लिए अर्हता प्राप्त कर चुके 12 भारतीय एआई स्टार्टअप ने बैठक में भाग लिया तथा अपने विचारों और कार्य से अवगत कराया। बैठक के दौरान  मोदी ने समाज में परिवर्तन लाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के महत्व को रेखांकित किया।

                 उन्होंने कहा कि भारत अगले महीने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट’ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा  जिसके माध्यम से देश प्रौद्योगिकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत एआई का लाभ उठाकर परिवर्तन लाने का प्रयास कर रहा है।

                 उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और एआई उद्यमी भारत के भविष्य के सह-निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि देश में नवाचार और व्यापक कार्यान्वयन  दोनों की अपार क्षमता है।  मोदी ने कहा कि भारत को दुनिया के सामने एक ऐसा अनूठा एआई मॉडल प्रस्तुत करना चाहिए जो  मेड इन इंडिया  मेड फॉर द वर्ल्ड  की भावना को प्रतिबिंबित करे।

                 ये स्टार्टअप विविध क्षेत्रों में काम कर रहे हैं  जिनमें भारतीय भाषा फाउंडेशन मॉडल  बहुभाषी एलएलएम  ‘स्पीच-टू-टेक्स्ट  टेक्स्ट-टू-ऑडियो और टेक्स्ट-टू-वीडियो’ के अलावा ई-कॉमर्स  मार्केटिंग और व्यक्तिगत सामग्री निर्माण के लिए जनरेटिव एआई का उपयोग करके 3डी सामग्री तैयार करना शामिल हैं।

                 इनमें इंजीनियरिंग सिमुलेशन और विभिन्न उद्योगों में डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिए उन्नत विश्लेषण तथा स्वास्थ्य जांच और चिकित्सा अनुसंधान आदि शामिल हैं।  बैठक में अवतार  भारतजेन  फ्रैक्टल  गान  जेनलूप  ज्ञानी  इंटेलीहेल्थ  सर्वम  शोध एआई  सोकेट एआई  टेक महिंद्रा और ज़ेंटिक सहित भारतीय एआई स्टार्टअप के सीईओ और प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी उपस्थित थे।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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