भारत ने टीका खोजने और उत्पादित करने की क्षमता प्रदर्शित की: डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक

नयी दिल्ली, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डल्ब्यूएचओ) की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथ ने सोमवार को कहा कि जब कोरोना वायरस टीके का सवाल आया तो भारत ने वैश्विक उत्पादक और अविष्कार की क्षमता का प्रदर्शन किया।

उन्होंने सोमवार को ‘ग्लोबल बायो-इंडिया-2021’में भाग लेते हुए कहा कि कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई अहम मोड़ पर है क्योंकि अब अचानक से मामले बढ़ गए हैं, खासतौर पर यूरोप एवं अमेरिका में।

सौम्या ने रेखांकित किया कि अभी अनिश्चितता बनी हुई है, खासतौर पर वायरस के नए प्रकारों के आने से।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने वैश्विक स्तर पर उत्पादन की क्षमता प्रदर्शित की और जब टीके के विकास का सवाल आया तो अविष्कारक के तौर पर भी क्षमता दिखाई। टीके के असर को लेकर अध्ययन की असीम संभावनाएं है जिसे समन्वय के आधार पर करने की जरूरत है।’’

उल्लेखनीय है कि भारत में 30 टीकों को विकसित करने का काम विभिन्न चरणों में चल रहा है। कोवैक्सीन स्वदेशी टीका है जिसे भारत बायोटेक ने विकसित किया है जबकि कोविशील्ड का विकास ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने किया है लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया इनका उत्पादन कर रहा है और दोनों टीकों का इस्तेमाल भारत में शुरू हो चुका है।

तीन दिवसीय ग्लोबल बायो-इंडिया 2021 का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन ने सोमवार को किया।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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