भारत ने दवा, चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निवेश के लिए अमेरिकी दवा कंपनियों से संपर्क किया

वाशिंगटन, भारत ने अमेरिका की शीर्ष दवा कंपनियों से संपर्क कर देश के दवा एवं चिकित्सा उपकरण क्षेत्र में निवेश का अनुरोध किया। भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर इस क्षेत्र में आपात जरूरत की स्थिति पैदा हो गयी है।

अमेरिका के लिए भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने फाइजर कंपनी के सीईओ अल्बर्टा बुर्ला, मार्क कैस्पर के सीईओ थर्मो फिशर, एंटीलिया साइंटिफिक के चेयरमैन और सीईओ बर्न्ड ब्रस्ट और पाल लाइफ साइंसेज के सीईओ जोसेफ रेप के साथ डिजिटल बैठक की।

उन्होंने साइटिवा के सीईओ एवं अध्यक्ष एमैनुएल लिंजर से भी बात की।

दवा कंपनियों के साथ बातचीत के दौरान संधू ने इस बात का जिक्र किया कि भारत दवा निर्माण एवं चिकित्सकीय उपकरणों के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देना चाहता है।

उन्होंने कहा कि भारत ने हाल में एक उत्पादन आधारित प्रोत्साइन योजना शुरू की है जो अमेरिकी कंपनियों को निवेश के लिए नए अवसर उपलब्ध करायेगा।

पिछले सप्ताह बुर्ला के साथ बैठक के बाद संधू ने कहा था, ‘‘फाइजर भारत में टीका निर्माण समेत स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग कर सके और महामारी के प्रति हमारी जिम्मेदारी को मजबूती मिल सके, ऐसे कई मुद्दों पर बात हुई।’’

बुर्ला ने सोमवार को कहा कि फाइजर भारत में कोविड-19 की गंभीर स्थिति को लेकर चिंतित है और उनकी कंपनी संभावित मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

इसके अलावा कंपनी ने घोषणा की कि अगले 90 दिन में भारत में हर सरकारी अस्पताल में कोविड-19 के प्रत्येक मरीज की दवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कंपनी सात करोड़ डॉलर मूल्य की अपनी दवाएं दान में देगी।

थर्मो फिशर के सीईओ मार्क कैस्पर के साथ बैठक में संधू ने महामारी के खिलाफ लड़ाई में कंपनी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। साथ ही कोविशील्ड टीका तथा रेमडेसिविर जैसी जरूरी दवाओं के लिए भारत को कच्चा माल उपलब्ध कराने का भी जिक्र किया।

इसके अलावा संधू ने एंटीलिया साइंटिफिक के चेयरमैन और सीईओ बर्न्ड ब्रस्ट और पाल लाइफ साइंसेज के सीईओ जोसेफ रेप से भी बात कर दवा क्षेत्र में सहयोग तथा निवेश का अनुरोध किया।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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