भारत पर सीएएटीएसए लागू करना रूस की भूरणनीतिक जीत होगी: अमेरिकी सीनेटर

वाशिंगटन, अमेरिकी सांसद एवं रिपब्लिकन पार्टी के नेता टोड यंग ने कहा है कि रूस से कई अरब डॉलर की एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए भारत पर ‘काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (सीएएटीएसए) के तहत प्रतिबंध लगाना रूस के लिए भूरणनीतिक जीत होगी।

सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सदस्य यंग ने ‘विदेश नीति’ पत्रिका में लिखा कि यदि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन भारत पर प्रतिबंध लगाता है, तो इससे अहम समय में दो रणनीतिक मोर्चे कमजोर होंगे- इससे भारत के साथ अमेरिका के संबंध कमजोर होंगे और इससे चीन से निपटने की ‘क्वाड’(चतुष्कोणीय सुरक्षा संवाद) की क्षमता भी प्रभावित होगी।

यंग ने सोमवार को कहा कि हालिया सप्ताह में सीनेट की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेटिक अध्यक्ष बॉब मेनेंडेज ने कहा था कि यदि भारत रूसी मिसाइल प्रणाली खरीदने की दिशा में आगे बढ़ता है तो उसे सीएएटीएसए की धारा 231 के तहत प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी जानी चाहिए।

रूसी रक्षा या खुफिया क्षेत्रों ‘‘के लिए या उनकी ओर से काम करने’’ वाले प्रतिष्ठानों पर धारा 231 लागू की जाती है।

यंग ने पत्रिका में लिखा, ‘‘यह कदम भारत को एस-400 (मिसाइल) प्रणाली खरीदने से रोकेगा नहीं। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत के ऐतिहासिक संशयवाद और रूस के साथ उसके पुराने संबंधों के मद्देनजर किसी भी प्रतिबंध को गुट निरपेक्ष आंदोलन के सहयोगियों समेत भारत में वे लोग बढ़ा-चढ़ा कर दिखाएंगे और इनका लाभ उठाएंगे, जिन्हें पश्चिम के साथ गहरे संबंधों को लेकर संशय रहता है।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘इसके अलावा रूस भारत के सैन्य साझेदार के रूप में अपनी भूमिका का फिर से दावा करने के लिए प्रतिबंधों का लाभ उठा सकता है। इसके बाद विडम्बना यह होगी कि रूस निर्मित रक्षा प्रणाली को लेकर भारत पर प्रतिबंध लगाना वास्तव में मॉस्को की भूरणनीतिक जीत साबित होगा।’’

उन्होंने बाइडन प्रशासन से भारत को सीएएटीएसए से छूट दिए जाने की अपील करते हुए कहा, ‘‘यह छूट देने से और भारत को रूसी हथियार खरीदने की अनुमति देने से बाइडन प्रशासन यह स्पष्ट कर सकता है कि अमेरिका के लिए मुख्य भूरणनीतिक खतरा चीन है।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikipedia

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