भारत विरोधी तत्व देश की प्रतिष्ठा कम करने की साजिश का हिस्सा : भाजपा

नयी दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी ने एक न्यूज पोर्टल को कथित संदिग्ध विदेशी धन प्राप्त होने की खबरों पर रविवार को दावा किया कि ‘‘भारत विरोधी’’ तत्व का विदेशी ताकतों के साथ गठजोड़, देश की प्रतिष्ठा कम करने और मोदी सरकार को निशाना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में ‘न्यूजक्लिक’ पोर्टल की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जांच के बारे में मीडिया में आई खबरों का जिक्र किया और कहा कि उसे 9.59 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तथा संदिग्ध उद्देश्यों के लिए 28.46 करोड़ रुपये और प्राप्त हुए।

न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ ने एक बयान में कहा कि पोर्टल के ख़िलाफ़ बदनाम करने का एक अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की चल रही उस जांच को लेकर की गयी चुनिंदा लीक, जिसे पहले ही अदालत के सामने चुनौती मिली हुई है, उसकी ख़ुद की जांच और उस कार्यप्रणाली में निहित कमज़ोरी को दर्शाता है, जिसे अदालत में ले जाया जाएगा।

पात्रा ने आरोप लगाया कि यह धन भीमा कोरेगांव मामले में आरोपी गौतम नवलखा सहित विभिन्न लोगों को पहुंचाया गया। उन्होंने दावा किया कि यह भारत विरोधी भावना भड़काने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कहने और विदेशी ताकतों के लिए दुष्प्रचार करने की कीमत थी।

उन्होंने दावा किया, ‘‘भारत विरोधी ताकतें विदेशी ताकतों के साथ मिल कर यह कर रही हैं।’’ पात्रा ने आरोप लगाया कि पोर्टल ने भारत की प्रतिष्ठा कम करने के लिए एक मीडिया हाउस का चोला ओढ़ा।’’

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारत के मुख्य धारा के कुछ नेता और विदेशी ताकतें तथा इस तरह के कुछ पोर्टल सुनियोजित तरीके से एक गिरोह के रूप में काम कर रहे हैं।

पात्रा ने दावा किया कि जब कभी देश में कोई अच्छी चीज होती है, चाहे वह कोविड टीकाकरण नीति हो या सेंट्रल विस्टा परियोजना हो, कुछ लोग इसे निशाना बनाते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये घटनाएं भारत की प्रतिष्ठा कम करने के लिए इस तरह के अभियानों के पीछे विदेशों से धन प्राप्त होने और विदेशी साचिश की भूमिका को उजागर करते हैं।

पात्रा ने कहा कि सेंट्रल विस्टा परियोजना को अदालतों से सहमति मिल गई है लेकिन कुछ लोग भारत की प्रतिष्ठा कम करने में अब तक लगे हुए हैं।

पुरकायस्थ ने कहा कि न्यूज़क्लिक में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया गया है और उसके द्वारा किये गए ‘सिंडिकेशन’ के लिए फीस सामान्य बैंकिंग प्रणालियों के ज़रिये प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा, ‘‘न्यूज़क्लिक को जो राशि प्राप्त हुई है, उसका दोनों ही तरह, यानी अमेरिका के प्रतिष्ठित संस्थाओं और फ़ाउंडेशनों तथा भारत और अमेरिका में इस तरह के लेनदेन को नियंत्रित करने वाले नियमों और विनियमों के अनुसार भारत के अधिकारियों के सामने रख दिया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि मामला पहले से ही अदालतों में है, लिहाज़ा न्यूज़क्लिक यह नहीं मानता कि मीडिया ट्रायल में उसे भाग लेना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तारूढ़ दल भाजपा भी इस तरह के बेबुनियाद आरोपों को हवा देना मुनासिब समझता है।’’

उन्होंने कहा कि पोर्टल इन मामलों पर उचित कानूनी कार्रवाई शुरू करने का अधिकार सुरक्षित रखता है। उन्होंने कहा न्यूज़क्लिक अपने पत्रकारिता के कर्तव्यों का पालन करना जारी रखेगा, जैसा कि वह करता रहा है और इन हमलों के सामने नहीं झुकेगा।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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