महामारी के बाद की नीतियां कमजोर वर्ग की मानसिक बेहतरी पर केंद्रित हों : सीतारमण

नयी दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संयुक्त राष्ट्र से कहा है कि महामारी के बाद की नीतियों में कमजोर वर्ग को मानसिक सुकून पहुंचाने पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए।

गरीबी उन्मूलन के लिए रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र की उच्चस्तरीय चर्चा में वित्त मंत्री ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र के रोजगार और सामाजिक संरक्षण पर प्रस्तावित त्वरित कार्रवाई के मूल डिजाइन में डिजिटलीकरण होना चाहिए।

अपने वर्चुअल संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि महामारी के बाद सुधार को आधार देने का मुख्य सिद्धान्त स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को संस्थागत मान्यता देने वाली नीतियों का एकीकरण है। समाज के कमजोर वर्ग के लोगों के मानसिक स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए उन्हें मनोवैज्ञानिक समर्थन देने की जरूरत है।

उन्होंने देश की संवेदनशील आबादी को आवश्यक संरक्षण देने लिए भारत सरकार द्वारा किए गए उपायों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत का नि:शुल्क टीकाकरण कार्यक्रम वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े कार्यक्रमों में है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ने महामारी के प्रभाव से निपटने और आर्थिक वृद्धि के पुनरुद्धार के लिए आत्मनिर्भर भारत के साथ वृहद आर्थिक पैकेज दिया है। सीतारमण ने कहा, ‘‘असंगठित क्षेत्र को रोजगार, एमएसएमई को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन के लिए 366 अरब डॉलर का वित्तीय पैकेज दिया गया है। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 13 प्रतिशत से अधिक है।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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