महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने के प्रयास विफल, केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा: पवार

मुंबई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में विपक्ष को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) समेत केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले दो साल में राज्य की शिव-सेना नीत एमवीए सरकार को अस्थिर करने के लिए कई नाकाम प्रयास किए गए।

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन में शिवसेना और कांग्रेस के साथ शामिल राकांपा के अध्यक्ष ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके राजनीतिक विरोधियों को बदनाम किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘केंद्र सीबीआई, आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय, एनसीबी जैसी कुछ संस्थाओं का लगातार इस्तेमाल कर रहा है। राजनीतिक उद्देश्यों से इन सभी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।’’

कुछ दिन पहले ही महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े कुछ ठिकानों पर आयकर विभाग के छापों की पृष्ठभूमि में यह बयान आया है। इसका जिक्र करते हुए शरद पवार ने कहा कि एजेंसियों के अधिकारी बुधवार को छठे दिन भी छापे की कार्रवाई कर रहे हैं।

पवार ने कहा कि केवल राकांपा को ही नहीं बल्कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन के अन्य दो सहयोगी दलों को भी केंद्रीय जांच एजेंसियां निशाना बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि अजीत पवार, कांग्रेस के मंत्री अशोक चव्हाण और उनके मंत्रिमंडल सहयोगी शिवसेना के सुभाष देसाई के करीबी लोगों को भी निशाना बनाया गया।

पवार ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने के नाकाम प्रयासों के बाद वे राज्य सरकार के मंत्रियों के करीबी लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह एक रणनीति जान पड़ती है।

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और राकांपा नेता अनिल देशमुख के मामले का उल्लेख करते हुए राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा उनके खिलाफ आरोप लगाये जाने के बाद देशमुख को पद छोड़ना पड़ा था। देशमुख के खिलाफ अनेक आरोपों में केंद्रीय एजेंसियां जांच कर रही हैं।

सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख चाहते थे कि पुलिस अधिकारी मुंबई के बार और होटलों से हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही करें।

अपने नेता के बचाव में आये पवार ने कहा, ‘‘आरोप लगाने वाले (परमबीर सिंह) का अता-पता नहीं है। ऐसा कभी नहीं होता कि कोई जिम्मेदार अधिकारी किसी जिम्मेदार मंत्री के खिलाफ आरोप लगाए। लेकिन अनिल देशमुख ने इस्तीफा दे दिया और उनके खिलाफ अनेक आरोप हैं। और वह (सिंह) लापता हो गये। यह अंतर है।’’

परमबीर सिंह पर जबरन वसूली के अनेक मामले दर्ज किये गये हैं। उन पर अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम के तहत एक मामला चल रहा है जो एक पुलिस निरीक्षक की शिकायत पर इस साल अप्रैल में दर्ज हुआ था।

पवार ने पूछा, ‘‘उनके (देशमुख के) घर पर पांचवीं बार छापा मारा गया। मुझे समझ नहीं आता कि एजेंसियों को पांचवीं बार वहां जाकर क्या मिल गया। लेकिन उन्होंने रिकॉर्ड बना लिया है।’’

भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के बचाव में पार्टी के नेता सबसे आगे रहते हैं। राकांपा अध्यक्ष ने कहा कि 54 साल के उनके सार्वजनिक जीवन में उन्होंने करीब 26 साल तक प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाली हैं और जब वह विपक्ष में थे या सरकार में थे तो प्रशासन से उनके अच्छे संबंध थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमने कभी सत्ता का अहंकार नहीं दिखाया।’’

हाल में कुछ नामचीन लोगों पर छापे मारने समेत अनेक जगह ऐसी कार्रवाई करने वाली एनसीबी पर निशाना साधते हुए पवार ने कहा कि मुंबई पुलिस के नारकोटिक्स (मादक पदार्थ) रोधी प्रकोष्ठ ने एनसीबी से बेहतर काम किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘राज्य की एजेंसी ईमानदारी से अपना काम करती है, लेकिन ऐसा लगता है कि केंद्रीय एजेंसी केवल केंद्र को अपना रिकॉर्ड देने के लिए काम करती है।’’

एनसीबी के मुंबई क्षेत्र के निदेशक समीर वानखेड़े ने हाल में मुंबई के समुद्र तट के पास एक क्रूज जहाज पर मादक पदार्थों की पार्टी पर छापा मारा था जिसके बाद अभिनेता शाहरुख खान के बेटे की गिरफ्तारी हुई। वानखेड़े ने पिछले साल अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े मादक पदार्थों के एक मामले की जांच की थी और कई अन्य मशहूर लोगों से जुड़े मामलों में भी जांच की।

शरद पवार ने कहा कि उन्हें हवाई अड्डे पर वानखेड़े के कार्यकाल में अन्य घटनाओं के बारे में भी पता चला है। हालांकि राकांपा अध्यक्ष ने विस्तार से कुछ नहीं बताया और कहा कि उन्हें इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है।

भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के अधिकारी वानखेड़े पिछले कार्यकाल में मुंबई हवाई अड्डे पर कार्यरत थे।

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में पिछले दिनों किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान चार किसानों की हत्या की घटना के संदर्भ में पवार ने कहा, ‘‘पहले दिन से सत्तारूढ़ पार्टी (भाजपा) ने यही रुख अपनाया कि इसमें कोई सचाई नहीं है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अपराध के खिलाफ कार्रवाई करने की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकते।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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