मानसिक स्वास्थ्य के मसलों से निपटने के लिये आईसीसी लेगी मनोवैज्ञानिकों की सेवायें

नयी दिल्ली, आगामी टी20 विश्व कप में ओमान और यूएई में बायो बबल में प्रवास के दौरान खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य के मसलों से निपटने के लिये आईसीसी मनोवैज्ञानिकों की सेवायें लेगी ।

आईसीसी की इंटीग्रिटी यूनिट के प्रमुख और बायो सुरक्षित वातावरण की देखरेख के प्रभारी एलेक्स मार्शल ने गुरूवार को कहा कि बायो बबल के उल्लंघन के मामले टीम प्रबंधन देखेगा । उन्होंने 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे टूर्नामेंट के दौरान कड़ाई से प्रोटोकॉल के पालन की सलाह दी ।

उन्होंने एक वर्चुअल बातचीत के दौरान कहा ,‘‘ कुछ लोगों को स्वीकार करना होगा कि नियंत्रित माहौल में उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा है ।आईसीसी चौबीसों घंटे मनोवैज्ञानिक की सेवायें देगी ताकि खिलाड़ी जरूरत पड़ने पर उनसे सलाह ले सकें ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ टीमें अपनी मेडिकल टीम लेकर आयेंगी लेकिन आईसीसी भी उन्हें अच्छे संसाधन मुहैया करोगी । उनके लिये चौबीसों घंटे पेशेवर सहयोग उपलब्ध रहेगा ।’’

मार्शल ने कहा कि आईसीसी समझती है कि कुछ खिलाड़ी काफी समय से बायो बबल में रह रहे हैं और तनाव महसूस कर रहे होंगे ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हम बहुत कुछ कर रहे हैं । उन्हें मनोवैज्ञानिक सहयोग और संसाधन दे रहे हैं ।’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी टीमें जिम्मेदारी से रहेंगी और बायो बबल का उल्लंघन नहीं करेंगी । उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई घटना होती है तो टीम प्रबंधन को कार्रवाई करनी होगी ।

मार्शल ने कहा ,‘‘ लोग नियमों का पालन करेंगे तो कोई दिक्कत नहीं है लेकिन अगर कोई व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता है तो टीम प्रबंधन को कार्रवाई करनी होगी । हमें नहीं लगता कि ऐसी स्थिति आयेगी ।’’

उन्होंने कहा कि आईसीसी केवल करीबी परिजनों (पत्नी , बच्चे या साथी) को खिलाड़ियों के साथ सुरक्षित माहौल में रहने की अनुमति देगी ।

उन्होंने कहा ,‘‘ परिजन तनाव दूर करने में अहम भूमिका निभाते हैं और हमने कम संख्या में करीबी परिजनों को साथ रहने की अनुमति दी है जो पृथकवास से गुजरने के बाद कोरोना जांच में नेगेटिव होंगे ।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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