मारीशस के साथ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में भारत: गोयल

नयी दिल्ली : वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत और मारीशस प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझोते को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं। इस पहल का मकसद दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत बनाना है।

गोयल के हवाले से एक बयान में कहा गया कि प्रस्तावित भारत-मारीशस व्यापक आर्थिक सहयोग एवं भागीदारी समझौता (सीईसीपीए) वस्तु एवं सेवाओं के व्यापार में दोनों देशों के लिये फायदेमंद है।

उन्होंने भारत-अफ्रीका परियोजना भागीदारी पर सीआईआई-एक्जिम बैंक डिजिटल सम्मेलन में कहा, ‘‘फिलहाल हमारे दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अलग-अलग व्यापक भागीदारी समझौते हैं और हम मारीशस के साथ सीईसीपीए को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं।’’

गोयल ने यह भी कहा कि हाल ही में भारत और दक्षिण अफीका सीमा शुल्क संघ (एसएसीयू) ने तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए) को लेकर जल्दी बातचीत शुरू करने का निर्णय किया है।

एसएसीयू में बोत्सवाना, लेसोथो, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और स्वाजीलैंड शामिल हैं।

तरजीही व्यापार समझौता, मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से थोड़ा अलग है। एफटीए में दोनों पक्ष अधिकतम संख्या में उत्पाद पर शुल्क या तो कम करते हैं अथवा उसे समाप्त करते हैं। वहीं पीटीए में कुछ वस्तुओं के मामले में शुल्कों को खत्म किया जाता या फिर कटौती की जाती है।

मंत्री ने कहा कि निकट भविष्य में भारत को अफ्रीकी मुक्त व्यापार क्षेत्र के साथ काम करने में खुशी होगी।

गोयल ने यह भी कहा कि भारत कृषि, सिंचाई, स्वास्थ्य, डिजिटल प्रौद्योगिकी, बिजली संयंत्रों, पारेषण लाइन और रेल बुनियादी ढांचा के क्षेत्रों में ऋण सुविधा के जरिये अफ्रीका की मदद करना जारी रखेगा।

उन्होंने कहा कि जून 2020 तक भारत ने अफ्रीका में 40 देशों के लिये बहुत अनुकूल शर्तों पर 12.7 अरब डॉलर ऋण सुविधा की प्रतिबद्धता जतायी है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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