मिसाइल परीक्षणों के बावजूद दोनों कोरियाई देशों ने बहाल की ‘हॉटलाइन’

सियोल, उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया ने कई सप्ताह से ठप पड़ी संचार ‘हॉटलाइन’ को सोमवार को फिर बहाल कर दिया। उत्तर कोरिया ने हाल ही में कई मिसाइल परीक्षण करने के साथ ही उत्तर कोरिया के साथ ‘हॉटलाइन’ बहाल करने की इच्छा जाहिर की थी।

सियोल के एकीकरण मंत्रालय ने बताया कि दोनों कोरियाई देशों के सम्पर्क अधिकारियों ने सोमवार सुबह सीमा पार संचार चैनल पर संदेशों का आदान-प्रदान किया।

दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय द्वारा जारी वीडियो के अनुसार, सियोल के अधिकारी ने एक चैनल पर अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष के साथ फोन पर बातचीत के दौरान कहा, ‘‘ लंबे समय से कोई बातचीत नहीं हुई थी। हम खुश हैं कि हमारे संचार चैनल इस तरह बहाल हुए। हम उम्मीद कर रहे हैं कि दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच संबंध नए स्तर पर विकसित होंगे।’’

वीडियो में उत्तर कोरिया की ओर से कोई वक्तव्य नहीं था।

सियोल के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि एक अलग सैन्य चैनल पर, दोनों कोरियाई देशों ने अपनी विवादित पश्चिमी समुद्री सीमा के पास मछली पकड़ने की गतिविधियों के बारे में जानकारी का आदान-प्रदान किया, जहां पिछले वर्षों में कई अंतर-कोरियाई हिंसक नौसैनिक युद्ध हुए हैं। इन गतिविधियों को रोकने के लिए जानकारियों का आदान-प्रदान किया गया।

ऐसी उम्मीद की जा रही है कि दोनों कोरियाई देश अपनी तनावपूर्ण सीमा पर अन्य संचार माध्यमों को भी सोमवार को बहाल कर देंगे, क्योंकि दोनों ने पूर्व में ऐसे इरादे जाहिर किए हैं।

फोन और फैक्स माध्यम भी एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय हैं, जिनका इस्तेमाल प्रतिद्वंद्वी कोरिया बैठकें करने, सीमा पार करने की व्यवस्था करने और आकस्मिक झड़पों से बचने के लिए करते हैं।

गर्मियों में संचार को लगभग दो सप्ताह के लिए संक्षिप्त रूप से बहाल किया गया था, लेकिन दक्षिण कोरिया के अमेरिका के साथ वार्षिक सैन्य अभ्यास शुरू करने के बाद उत्तर कोरिया ने संदेशों का आदान-प्रदान करने से इनकार कर दिया। इस वार्षिक सैन्य अभ्यास को उत्तर कोरिया युद्ध का पूर्वाभ्यास करार देता है।

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने शांति स्थापित करने के लिए अक्टूबर के शुरू में दक्षिण कोरिया के साथ ‘हॉटलाइन’ बहाल करने की इच्छा पिछले सप्ताह व्यक्त की थी, लेकिन उन्होंने वार्ता के अमेरिकी प्रस्ताव को यह कहकर फिर से ठुकरा दिया था कि यह उत्तर कोरिया के खिलाफ शत्रुता को छुपाने का अमेरिका का ‘‘कुटिल तरीका’’ है। उन्होंने एक बार फिर दक्षिण कोरिया से उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों और अन्य घटनाक्रम के लिए अपने ‘‘दोहरे व्यवहार के दृष्टिकोण’’ और ‘‘शत्रुतापूर्ण नजरिए’’ को छोड़ने की मांग की।

कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है ताकि वह अमेरिका को आर्थिक प्रतिबंधो में ढील और अन्य रियायतें देने के लिए राजी कर पाए।

उत्तर कोरिया की आधिकारिक ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने ‘हॉटलाइन’ बहाल होने से पहले कहा था, ‘‘ दक्षिण कोरियाई अधिकारियों को उत्तर-दक्षिण संबंधों को सही रास्ते पर लाने के लिए सकारात्मक प्रयास करने चाहिए और संचार लाइनों की बहाली को ध्यान में रखते हुए, भविष्य में उज्ज्वल संभावनाओं के मार्ग प्रशस्त करने के लिए प्राथमिकता वाले महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करना चाहिए।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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