म्यांमा में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जुंटा ने फिर की कड़ी कार्रवाई, सैन्य प्रवक्ता ने उचित ठहराया

यांगून, म्यांमा में सुरक्षा बलों ने सैन्य तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर फिर कड़ी कारवाई की, जिसमें कई लोग मारे गए।

इस बीच, सत्तारूढ़ जुंटा के प्रवक्ता ने नेपीता में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई का बचाव किया।

ऑनलाइन समाचार साइट और सोशल मीडिया पर शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया कि यांगून से करीब 100 किलोमीटर पूर्वोत्तर में स्थित बागो में सरकारी सुरक्षा बलों और पुलिस की कार्रवाई में कम से कम चार लोग मारे गए।

‘बागो वीकली जर्नल ऑनलाइन’ ने बताया कि शहर के मुख्य अस्पताल में उसके एक सूत्र के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है।

सुरक्षा बलों ने इस सप्ताह तीसरी बार प्रदर्शनकारियों पर घातक बलप्रयोग किया है। सेना ने आंग सान सू ची की निर्वाचित सरकार को अपदस्थ कर एक फरवरी को तख्तापलट किया था।

देश के उत्तर में कैले और तजे कस्बों में बुधवार को प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई। सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ग्रेनेड और मोर्टार जैसे हथियारों का इस्तेमाल करने का आरोप है।

देशभर में अधिकतर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और प्रदर्शनकारियों ने सविनय अवज्ञा का मार्ग अपनाया।

कई सोशल मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुकवार को भी कई स्थानों पर सुरक्षा बलों ने हिंसा का इस्तेमाल किया।

प्रदर्शन में हताहत हुए लोगों का रिकॉर्ड रखने वाले संगठन ‘असिस्टेंट एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स’ ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर सैन्य कार्रवाई में बृहस्पतिवार तक कम से कम 614 लोग मारे गए हैं।

ब्रिगेडियर जनरल जॉ मिन तुन ने प्रदर्शनकारियों पर स्वचालित हथियारों का इस्तेमाल किए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि यदि ऐसा हुआ होता, तो कुछ ही घंटों में 500 लोग मारे गए होते।

उन्होंने ‘असिस्टेंट एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स’ द्वारा बताई गई मृतक संख्या को गलत बताया और कहा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार मरने वालों की संख्या 248 है और 16 पुलिसकर्मी भी मारे गए हैं।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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