रियो ओलंपिक में जजों के अनुचित फैसलों की जांच के लिए एआईबीए ने जांचकर्ता नियुक्त किया

लुसाने, अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) ने सोमवार को कहा कि उसने 2016 रियो ओलंपिक के दौरान रैफरियों और जजों के अनुचित फैसलों की जांच के लिए मैकलारेन स्पोर्ट साल्यूशंस को एजेंसी नियुक्त किया है और उसे पहले चरण की जांच के इस साल अगस्त में पूरा होने की उम्मीद है।

रियो 2016 खेलों में रैफरी और जजों के फैसलों की मुक्केबाजों ने कड़ी आलोचना की थी और कइयों का कहना कि उन्हें अधिकारियों के खराब फैसलों का नुकसान उठाना पड़ा।

इसमें सबसे बड़ा मामला आयरलैंड के माइकल कोनलान से जुड़ा था जिन्होंने मुकाबले के दौरान रूस के व्लादिमीर निकितिन पर दबदबा बनाए रखा लेकिन इसके बावजूद उन्हें हारा हुआ घोषित किया गया।

निकितिन को अगले दौर में वाकओवर देना पड़ा क्योंकि कोनलान से पिटने के बाद वह मुकाबले में उतरने के लिए मेडिकल रूप से अनफिट थे। इन खेलों के बाद कोनलान पेशेवर मुक्केबाज बन गए।

एआईबीए ने बयान में कहा, ‘‘अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज संघ ने प्रोफेसर रिचर्ड मैकलारेन की अगुआई में मैकलारेन स्पोर्ट साल्यूशंस को बरकरार रखा है जो दो चरण की स्वतंत्र जांच करेगा जिसकी शुरुआत रियो 2016 ओलंपिक खेलों के मुक्केबाजी टूर्नामेंट में रैफरी और जजों के प्रदर्शन की जांच से होगी।’’

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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