लामबंद हो गया है पश्चिमी गुट, भारत की तरह निशाने पर रखेंगे: रमीज

इस्लामाबाद, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष रमीज राजा ने कहा कि न्यूजीलैंड के बाद इंग्लैंड के भी पाकिस्तान में खेलने से इन्कार करने बाद भारत की तरह ये टीमें भी अब उसके निशाने पर आ गयी हैं।

राजा ने कहा कि लगता है कि ‘पश्चिमी गुट’ लामबंद हो गया है तथा उनकी टीम का मुख्य लक्ष्य अब तीन टीमों को हराना होगा।

उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, ‘‘पहले एक टीम हमारे निशाने पर होती थी, हमारा पड़ोसी (भारत), अब इसमें दो और टीमें जुड़ गयी हैं न्यूजीलैंड और इंग्लैंड।’’

पीसीबी प्रमुख ने कहा, ‘‘इंग्लैंड के दौरे से हट जाने से मैं बहुत निराश हूं लेकिन इसकी संभावना थी क्योंकि यह पश्चिमी गुट दुर्भाग्य से लामबंद हो गया है और एक दूसरे का समर्थन करने का प्रयत्न कर रहा है।’’

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने अपनी पुरुष और महिला टीमों का अगले महीने सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए पाकिस्तान का दौरा रद्द कर दिया। इसके लिये उसने इस क्षेत्र की यात्रा के बारे में बढ़ती चिंताओं और संयुक्त अरब अमीरात में टी 20 विश्व कप से पहले खिलाड़ियों की थकान का हवाला दिया।

इससे पहले पिछले सप्ताह न्यूजीलैंड ने रावलपिंडी में पहले वनडे से पूर्व अपना पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था। उसने किसी भी सुरक्षा खतरे का ब्योरा नहीं दिया था जिसके कारण उसे दौरा रद्द किया था।

राजा ने कहा, ‘‘सभी नाराज थे क्योंकि न्यूजीलैंड यह बताये बिना ही दौरा छोड़कर चला गया कि उसे सुरक्षा को लेकर किस तरह की धमकी मिली थी। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह (इंग्लैंड) फैसला अपेक्षित था लेकिन यह हमारे लिये सबक है क्योंकि जब ये टीमें दौरा करती हैं तो हम उनके लिये पलक पांवड़े बिछा देते हैं। ’’

राजा ने कहा कि इससे वेस्टइंडीज और आस्ट्रेलिया के दौरे पर भी सवालिया निशान लग गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें वेस्टइंडीज के खिलाफ श्रृंखला खेलनी है जो प्रभावित हो सकती है और आस्ट्रेलिया पहले ही पुनर्विचार कर रहा है। इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सभी एक गुट में हैं। हम किससे शिकायत कर सकते हैं।’’

राजा ने कहा कि जिम्बाब्वे अपनी टीम पाकिस्तान भेजने का इच्छुक है। बांग्लादेश और श्रीलंका ने भी दूसरे दर्जे की टीम भेजने की पेशकश की है लेकिन विभिन्न कारणों से ऐसा होना संभव नहीं है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: