वित्तीय जागरूकता के प्रसार में मदद कर सकते हैं शैक्षणिक संस्थान, उद्योग निकाय : मंत्री

नयी दिल्ली, कॉरपोरेट मामलों के राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग निकायों तथा अन्य अंशधारकों का आह्वान किया है कि वे जागरूकता अभियानों के जरिये देश में वित्तीय साक्षरता के प्रसार की जिम्मेदारी उठाएं।

सिंह ने मंगलवार को निवेशक शिक्षा एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण (आईईपीएफए) के पांच साल पूरे होने के मौके पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए यह बात कही। आईईपीएफए का गठन कंपनी कानून के तहत सितंबर, 2016 में किया गया था।

कॉरपोरेट मामलों का मंत्रालय आईईपीएफए को और मजबूत करने के लिए कदम उठा रहा है। यह प्राधिकरण उसके तहत ही आता है।

सिंह ने कहा कि अंशधारकों को जागरूक करने के लिए आईईपीएफए ने समग्र रुख अपनाया है। ग्राम पंचायतों को भी निवेशक जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

मंत्री ने कहा, ‘‘मैं शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग संगठनों तथा अन्य अंशधारकों मसलन शोध संस्थानों का आह्वान करता हूं कि वे आगे आएं और उचित जागरूकता अभियानों के जरिये वित्तीय साक्षारता के प्रसार की जिम्मेदारी उठाएं।

उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेजों को शुरुआत से ही वित्तीय शिक्षा पर ध्यान देने की जरूरत है।

कॉरपोरेट मामलों के सचिव राजेश वर्मा ने आईईपीएफए से विशेषकर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में वित्तीय साक्षारता का विस्तार करने के लिए कदम उठाने को कहा। उन्होंने कहा कि छोटे शहरों, ग्रामीण इलाकों में कुछ लोग आमजन में जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व पोंजी योजनाएं लाते हैं, जिनका शिकार आम लोग बनते हैं।

उन्होंने कहा कि मंत्रालय आईईपीएफए को मजबूत कर रहा है और इसके लिए अधिक पद मंजूर किए गए हैं जिससे ऐसे निवेशकों की मदद की जा सके जिनके दावे लंबित हैं।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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