नयी दिल्ली, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कैंसर दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 36 दवाओं पर सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव रखा। सरकार ने पूर्व में ‘ट्रैस्टुज़ुमैब डेरक्सटेकन’ ‘ओसिमर्टिनिब’ और ‘ड्यूरवालुमैब’ पर सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया था। सीतारमण ने लगातार आठवां बजट पेश करते हुए कहा ‘‘रोगियों विशेष रूप से कैंसर दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए मैं 36 जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) से पूरी तरह छूट वाली दवाओं की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव करती हूं।’’ उन्होंने सूची में छह जीवनरक्षक दवाओं को जोड़ने का भी प्रस्ताव रखा जिन पर 5 प्रतिशत का रियायती सीमा शुल्क लगाया जाएगा। सीतारमण ने कहा ‘‘उपरोक्त के निर्माण के लिए थोक दवाओं पर क्रमशः पूर्ण छूट और रियायती शुल्क भी लागू होगा।’’ उन्होंने कहा कि दवा कंपनियों के रोगी सहायता कार्यक्रमों के तहत निर्दिष्ट दवाओं और औषधियों को बीसीडी से पूरी तरह छूट दी गई है बशर्ते मरीजों को दवाएं मुफ्त में दी जाएं। सीतारमण ने कहा ‘‘मैं 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों के साथ 37 और दवाएं जोड़ने का प्रस्ताव करती हूं।’’क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common