शराब नीति से जुड़ी सभी 14 रिपोर्ट विधानसभा में क्यों नहीं पेश की गईं

दिल्ली कांग्रेस ने पूछा दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि शराब नीति से जुड़ी 14 सीएजी रिपोर्ट में से एक दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। कांग्रेस को पहले से ही संदेह था कि इस नीति में कई अनियमितताएं हैं, जिसका असर सरकार के राजस्व पर पड़ेगा। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने शराब नीति से जुड़ी एक लिखित शिकायत भी जांच एजेंसियों को दी थी, जिसमें भाजपा की संलिप्तता के सबूत भी थे।

यादव ने कहा, ‘तो सवाल यह है कि शराब नीति से जुड़ी सभी 14 रिपोर्ट विधानसभा में क्यों नहीं पेश की गईं?’ यादव ने कहा कि कांग्रेस मांग करती है कि सीएजी रिपोर्ट की जांच लोक लेखा समिति (पीएसी) से कराई जाए। ऐसे में जल्द से जल्द पीएसी का गठन किया जाए, ताकि इस रिपोर्ट की जांच हो सके और लूट में शामिल सभी लोगों को सजा मिले। हालांकि पीएसी की अध्यक्षता विपक्ष के नेता करते हैं, लेकिन दिल्ली में इसका नेतृत्व सरकार ही करती आ रही है।

हम मांग करते हैं कि इन रिपोर्टों को भी सार्वजनिक चर्चा के लिए लाया जाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद संदीप दीक्षित ने कहा, “आप सरकार कहती है कि हर बोतल पर एक्साइज नहीं लगाएंगे। जैसे कुछ साल पहले एक्साइज लिया जाता था, वैसे ही हर साल 5%-10% बढ़ाकर बेसिक अमाउंट लेंगे। फिर हमें परवाह नहीं कि कितनी बोतलें बेचते हैं। दिल्ली में बिकने वाली 30%-40% शराब अवैध है। मान लीजिए- अगर दिल्ली में 10 हजार बोतल शराब बिकती है, तो यहां 13-14 हजार बोतलें बिक रही हैं।

इसलिए सरकार को 3-4 हजार बोतलों पर एक्साइज ड्यूटी नहीं मिलती। अगर ऐसा था तो सरकार ने 10 हजार बोतलों को ही मानक क्यों माना? साफ है- सरकार ने 30%-40% की चोरी को कानूनी मंजूरी दे दी है। यह मामला भी सीएजी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया गया है।”Photo : Wikimedia

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