शीर्ष अमेरिकी नौसैना कमांडर ने नौसेना प्रमुख एडमिरल करमवीर सिंह के साथ की वार्ता

नयी दिल्ली, अमेरिकी नौसैन्य अभियानों के प्रमुख एडमिरल माइकल गिल्डे ने नौसेना के चीफ एडमिरल करमवीर सिंह के साथ मंगलवार को विस्तृत वार्ता की जिसमें हिंद प्रशांत समेत अहम जलमार्गों पर चीन की बढ़ती सैन्य मौजूदगी की पृष्ठभूमि में समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में समग्र द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

एडमिरल गिल्डे 11 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर आए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, हिंद-प्रशांत में मौजूदा स्थिति और द्विपक्षीय समुद्री सहयोग को और विस्तार देने के तरीकों समेत कई मामलों पर बैठक में चर्चा की गई।

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में माल्यार्पण के बाद शीर्ष अमेरिकी नौसैन्य कमांडर ने कहा कि भारत का वैश्विक सुरक्षा में योगदान का ‘‘पुराना और विशिष्ट रिकॉर्ड’’ रहा है।

एडमिरल गिल्डे ने ट्वीट किया, ‘‘भारत में यात्रा के दौरान मेरी मेजबानी करने के लिए एडमिरल सिंह और भारतीय नौसेना का धन्यवाद। हम सूचना साझेदारी एवं क्षेत्रीय सुरक्षा में सहयोग बढ़ाकर और समुद्र में मिलकर अभ्यास करने समेत कई कदमों के जरिए अमेरिका और भारत के बीच रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’

एडमिरल गिल्डे का मुंबई में भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान और विशाखापट्टनम में पूर्वी कमान की यात्रा करने का भी कार्यक्रम है, जहां वह दोनों कमान के कमांडर इन चीफ से मुलाकात करेंगे।

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘एडमिरल गिल्डे एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत के पूर्वी तट पर अमेरिकी नौसेना के ‘कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ के पोत पर भी सवार होंगे।’’

‘कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ का नेतृत्व परमाणु ऊर्जा से संचालित अमेरिकी विमान वाहक पोत कार्ल विन्सन कर रहा है और यह पोत 12 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक मालाबार युद्धाभ्यास के दूसरे चरण में भाग ले रहा है। इस युद्धाभ्यास में सभी चार क्वाड देशों- भारत, अमेरिका, आस्ट्रेलिया और जापान- की नौसेनाएं भाग लेंगी।

कमांडर मधवाल ने कहा, ‘‘भारतीय और अमेरिकी नौसेनाएं एक स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत के साझा उद्देश्य के साथ गठजोड़ के लिए नए रास्ते तलाशने की दिशा में भी सहयोग कर रही हैं।’’

भारत और अमेरिका के रक्षा संबंध पिछले कुछ साल से मजबूत हो रहे हैं। अमेरिका ने जून 2016 में भारत को ‘‘प्रमुख रक्षा साझेदार’’ के रूप में सूचीबद्ध किया था।

दोनों देशों ने पिछले कुछ साल में कई अहम रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए हैं, जिनमें 2016 में किया गया ‘लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट’ (एलईएमओए) शामिल है। इसके अलावा दोनों पक्षों ने 2018 में संचार संगतता और सुरक्षा समझौते (कॉमकासा…. कम्युनिकेशन्स कम्पैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट) पर भी हस्ताक्षर किए थे। भारत और अमेरिका ने पिछले साल अक्टूबर में बुनियादी विनिमय सहयोग समझौता (बीईसीए) किया था।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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