श्रीधरन का भाजपा में शामिल होना महज एक ‘छलावा’ है : तारिक अनवर

नयी दिल्ली, कांग्रेस की केरल इकाई के प्रभारी तारिक अनवर ने मेट्रोमैन ई. श्रीधरन के भाजपा में शामिल होने को महज एक ‘‘छलावा’’ करार देते हुए रविवार को कहा कि राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में यूडीएफ और सत्तारूढ़ एलडीएफ के बीच सीधी टक्कर रहेगी और लोग भाजपा पर अपना ‘‘वोट’’ बर्बाद नहीं करेंगे।

अनवर ने कहा कि राज्य में भाजपा का प्रभाव मामूली ही रहेगा।

कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करना पार्टी की परंपरा नहीं है और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का नाम चुनाव बाद आपसी सहमति से तय होगा।

अनवर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में उम्मीद जताई कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) केरल में अगली सरकार बनाएगा और चुनाव में मुख्य मुद्दा पिछले पांच वर्षों में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) सरकार का ‘भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन’’ रहेगा।

उन्होंने कहा,‘‘ चुनाव परिणाम यूडीएफ के पक्ष में आएगा। पिछली बार लोगों ने एलडीएफ को बहुमत दिया था, लेकिन पिछले पांच वर्ष में उनका कामकाज अच्छा नहीं रहा और हाल ही में तीन-चार घोटाले भी सामने आए हैं जिनमें माकपा का कार्यालय भी संदेह के घेरे में आ गया है। ’’

यह पूछे जाने पर कि ऐसे कौन से मुद्दे हैं जिनसे एलडीएफ को आने वाले चुनावों में झटका लग सकता है, उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनी से हाल ही में हुए करार से मछुआरों में असंतोष है और कोविड-19 के दौरान सरकार के ‘कुप्रबंधन’ से भी लोगों में नाराजगी है।

उन्होंने कहा,‘‘ स्थितियां यूडीएफ के पक्ष में हैं क्योंकि पांच वर्षों से यहां सरकार के खिलाफ लहर है।’’

मेट्रोमैन ई श्रीधरन के भाजपा के शामिल होने और चुनाव पर इसके असर के बारे में पूछे जाने पर अनवर ने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि इससे कोई खास प्रभाव पड़ेगा। वह अच्छे टेक्नोक्रेट हो सकते हैं लेकिन उनका जनता के साथ कोई जुड़ाव नहीं है।’’

कांग्रेस नेता ने कहा,‘‘ केरल की जनता राजनीतिक रूप से बेहद सजग है और मुझे नहीं लगता कि अचानक से कोई नाम आगे कर देने से कोई खास अंतर पड़ेगा।’’

उन्होंने कहा कि भाजपा की राज्य में मौजूदगी सीमित है, इसलिए वे इस प्रकार के ‘‘छलावे’’ से अपनी मौजूदगी का एहसास कराना चाहते हैं।

अनवर ने कहा, ‘‘यह एलडीएफ और यूडीएफ के बीच सीधा मुकाबला होगा। पिछली बार, भाजपा ने केरल में बड़े पैमाने पर संसाधन झोंके थे, लेकिन इसके बावजूद उसका वोट प्रतिशत कम था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस बार हम उम्मीद करते हैं कि भाजपा को इससे भी कम वोट मिलेगा क्योंकि केरल के लोग जानते हैं कि लड़ाई एलडीएफ और यूडीएफ के बीच है, इसलिए लोग अपना वोट बर्बाद नहीं करना चाहेंगे।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस केरल में अपने अभियान का चेहरा और प्रचार करने के लिए राहुल गांधी पर भरोसा करने जा रही है, अनवर ने कहा, ‘‘राहुल केरल में बेहद लोकप्रिय हैं। अगर हम पिछली बार के लोकसभा परिणाम पर नजर डालें, तो वहां से राहुल से चुनाव लड़ने के बाद इसका बहुत प्रभाव पड़ा था और हमने 20 में से 19 सीटें जीतीं थीं। अगर वह केरल में चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित करते है, तो बहुत बड़ा फर्क पड़ेगा।’’

चुनाव से पहले पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री पद के लिए चेहरे की घोषणा नहीं करने संबंधी फैसले पर उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करना कांग्रेस की परंपरा है।

अनवर ने कहा, ‘‘चुनावों के बाद, परिणामों के अनुसार, आम सहमति के आधार पर, नेता का चुनाव किया जाएगा।’’

राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘‘जैसे स्वर में बोलने’ संबंधी मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कोई भी इस आरोप को नहीं मानेगा क्योंकि कांग्रेस का इतिहास है कि उसकी सांप्रदायिक ताकतों से किसी तरह की कोई समझ नहीं हो सकती है।

कांग्रेस नेता ने विश्वास जताया कि यूडीएफ बहुमत हासिल कर लेगी और उसका उद्देश्य दो-तिहाई बहुमत प्राप्त करना है ताकि वह एक स्थिर सरकार दे सके, जो राज्य के विकास के लिए स्वतंत्र रूप से काम कर सके।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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