सनराइजर्स का वार्नर को अंतिम एकादश से बाहर करना क्रिकेट से जुड़ा फैसला नहीं था: हैडिन

सिडनी, सनराइजर्स हैदराबाद के सहायक कोच ब्रेड हैडिन का मानना है कि इंडियन प्रीमियर लीग के दौरान डेविड वार्नर को अंतिम एकादश से बाहर करने के फैसले का क्रिकेट से जुड़े मामलों से कोई लेना देना नहीं था।

सनराइजर्स को अपनी अगुआई में 2016 में एकमात्र आईपीएल खिताब दिलाने वाले वार्नर से मई में कप्तानी छीन ली गई जबकि यूएई में इस लुभावने टी20 टूर्नामेंट के दूसरे चरण के दौरान उन्हें अंतिम एकादश से बाहर किया गया।

बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने हालांकि टी20 विश्व कप में शानदार वापसी की और उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। वार्नर ने सेमीफाइनल तथा फाइनल में अहम पारियां खेली।

हैडिन ने ‘ग्रेड क्रिकेटर्स पोडकास्ट’ पर कहा, ‘‘मैं आपको कह सकता हूं कि यह क्रिकेट से जुड़ा फैसला नहीं था कि वह (सनराइजर्स हैदराबाद के लिए) नहीं खेलेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि डेविड के साथ एक चीज आपको महसूस करनी होगी कि वह खराब फॉर्म में नहीं था, उसके पास मैच अभ्यास की कमी थी।’’

मई में टूर्नामेंट के बीच में ही आईपीएल को निलंबित किए जाने के बाद वार्नर ने आस्ट्रेलिया के बांग्लादेश और वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं जाने का फैसला किया था और बिना कोई मैच खेले आईपीएल के दूसरे चरण में उतरे थे।

हैडिन ने कहा, ‘‘ब्रेक काफी लंबा था, वह बांग्लादेश या वेस्टइंडीज नहीं गया। लेकिन वह काफी अच्छी मानसिकता के साथ उतरा था। वह गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा था, हालात हमारे नियंत्रण में नहीं थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ऐसा इसलिए नहीं हुआ कि वह खराब फॉर्म से गुजर रहा था। उसे सिर्फ मैच में कुछ समय बिताने की जरूरत थी , वह गेंद को काफी अच्छी तरह हिट कर रहा था। उसे लय दोबारा हासिल करने के लिए क्रीज पर कुछ समय बिताना था।’’

आस्ट्रेलिया के अभ्यास मैचों में रन बनाने में नाकाम रहे 35 साल के वार्नर मुख्य टूर्नामेंट में लय हासिल करने में सफल रहे। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में अर्धशतक सहित टूर्नामेंट में कुल 289 रन बनाए।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Getty Images

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