सीडीसी ने कोविड-19 रोधी टीके की अतिरिक्त खुराक का किया सर्मथन

वाशिंगटन, रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र (सीडीसी) ने लाखों बुजुर्गों और संक्रमण को लेकर संवेदनशील अन्य लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की अतिरिक्त खुराक (बूस्टर डोज) दिए जाने का बृहस्पतिवार को समर्थन किया। इस कदम से संक्रमण के खिलाफ अमेरिकी टीकाकरण अभियान का नया चरण शुरू होगा।

सीडीसी की निदेशक डॉ. रोशेल वालेन्स्की ने बृहस्पतिवार देर रात सलाहकारों की एक समिति की सिफारिशों पर हस्ताक्षर किए। सलाहकारों का कहना है कि 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों, नर्सिंग होम में रहने वालों और स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना कर रहे 50 से 64 वर्ष की आयु के लोगों को अतिरिक्त खुराक दी जानी चाहिए।

वालेन्स्की ने हालांकि एक सिफारिश करने का फैसला किया जिसे पैनल ने खारिज कर दिया था।

पैनल ने बृहस्पतिवार को उस सुझाव के खिलाफ वोट किया कि वे लोग, जो 18 से 64 वर्ष की आयु के हैं और स्वास्थ्य देखभाल कार्यकर्ता हैं या किसी ऐसे कार्य में लिप्त हैं, जो उन्हें संक्रमण के संपर्क में आने के जोखिम में डालता है, उन्हें अतिरिक्त खुराक दी जानी चाहिए। लेकिन वालेन्स्की ने असहमति जताई और कहा कि यह कदम इस सप्ताह के शुरुआत में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के ‘बूस्टर’ प्राधिकरण के निर्णय से जुड़ा है।

पैनल ने 18 से 49 वर्ष की आयु के उन लोगों के लिए अतिरिक्त खुराक देने का विकल्प दिया, जिन्हें पहले से काई स्वास्थ्य समस्याएं हैं….लेकिन सलाहकारों ने अग्रिम मोर्चे पर तैनात उन स्वास्थ्य कर्मियों को अतिरिक्त खुराक देने के सुझाव पर सहमत होने से इनकार कर दिया, जो गंभीर बीमारी से पीड़ित नहीं हैं, लेकिन मामूली संक्रमण से भी बचना चाहते हैं।

‘ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी’ के डॉ. पाब्लो सांचेज़ ने कहा, ‘‘ हम यह कह सकते हैं कि 18 और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को अतिरिक्त खुराक दें। लेकिन हमारे पास बहुत प्रभावी टीका है और ऐसा करना यह कहना होगा कि यह (टीका) काम नहीं कर रहा।’’

पैनल ने उस प्रस्ताव को अस्वीकार करने के लिए छह के मुकाबल नौ मत दिए। हालांकि, वालेन्स्की सलाहकार समिति से इस मुद्दे पर असहमत दिखीं। समिति के स्थगित होने के कुछ घंटे बाद जारी फैसले में वालेन्स्की ने इसे शामिल किया।

वालेन्स्की ने बृहस्पतिवार रात एक बयान में कहा, ‘‘ सीडीसी की निदेशक के तौर, यह पहचानना मेरा काम है कि हमारे कार्यों का सबसे अधिक प्रभाव कहां हो सकता है। सीडीसी में, हमें स्वास्थ्य तंत्र में सुधार करने वाली ठोस सिफारिशें करने के लिए जटिल, अक्सर अपूर्ण आंकड़ों का विश्लेषण करने का काम सौंपा जाता है। वैश्विक महामारी में, अनिश्चितता के साथ भी, हमें ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनके परिणाम बेहतरीन होने की हमें उम्मीद है।’’

वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि जिन्हें एक भी खुराक नहीं दी गई है, उन्हें टीके लगाना सर्वोच्च प्राथमिकता है पैनल ने इस बात पर जोर दिया कि कि अतिरिक्त खुराक पर बहस अपने लक्ष्य से हट रही है।

क्रे

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia commons

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