शिमला, हिमाचल प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तीव्र शीतलहर जारी है और ऊंचाई वाले इलाकों तथा जनजातीय क्षेत्रों में हल्का से मध्यम हिमपात होने से स्थिति और खराब हो गई है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार रात से राज्य की राजधानी शिमला में 1.6 सेंटीमीटर हिमपात दर्ज किया गया। डलहौजी मनाली और सोलंग नाला और अटल सुरंग के आसपास के इलाकों में भी बृहस्पतिवार को हिमपात हुआ। मनाली में आए पर्यटक शिखा और देव ने कहा हम हिमपात देखकर बहुत खुश हैं और सब कुछ बहुत खूबसूरत लग रहा है। अधिकारियों ने बताया कि नारकंडा और कुफरी में हिमपात जारी है जिसके चलते नारकंडा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 5 (पुराना हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग) वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया है। वाहनों को शिमला-सुन्नी-लुहरी मार्ग से भेजा जा रहा है। हिमपात के बाद लाहौल और स्पीति प्रशासन ने एक परामर्श जारी कर यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा है क्योंकि यह जोखिम भरा हो सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की बारिश हुई। टिंडर में सबसे अधिक 15 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि सलोनी में 10.2 मिमी कोटखाई में 5.2 मिमी मनाली में पांच मिमी मलरांव में चार मिमी और गोहर में तीन मिमी बारिश दर्ज की गई। लाहौल और स्पीति का ताबो रात में सबसे ठंडा रहा जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 11.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। इसके बाद कुकुमसेरी में शून्य से 11.1 डिग्री नीचे केलांग में शून्य से 5.5 डिग्री नीचे और कल्पा में शून्य से दो डिग्री सेल्सियस नीचे तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को मैदानी और निचले इलाकों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया तथा बृहस्पतिवार और शुक्रवार को मध्य और उंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश व हिमपात की चेतावनी जारी की है।क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडियाफोटो क्रेडिट : Wikimedia common