हॉकी इंडिया ने सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में ‘प्रमोशन’ और ‘रेलीगेशन’ प्रणाली शुरू की

नयी दिल्ली,  हॉकी इंडिया ने एक से 12 मार्च तक पंचकूला में होने वाली सीनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए प्रमोशन और रेलीगेशन प्रणाली के साथ शुक्रवार को यहां एक नया प्रारूप पेश किया। प्रतियोगिता में 28 टीमें भाग लेंगी जो ‘ए’  ‘बी’ और ‘सी’ नामक तीन डिवीजन में विभाजित होंगी। नए प्रारूप का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है जिसमें टीमों को उनके प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष डिवीजन तक पहुंचने (प्रमोशन) या निचली डिवीजन में खिसकने (रेलीगेशन) का प्रावधान होगा।  हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा  ‘‘ प्रमोशन और रेलीगेशन प्रणाली की शुरुआत देश भर में हॉकी प्रदर्शन के स्तर को ऊपर उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’

             उन्होंने कहा  ‘‘इस प्रणाली में चैंपियनशिप में हर मैच का महत्व सुनिश्चित होगा चाहे वह खिताब के लिए मुकाबला हो या रेलीगेशन से बचने के लिए। हम एक रोमांचक टूर्नामेंट की प्रतीक्षा कर रहे हैं जहां टीमें अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकें और शीर्ष पर पहुंचने का लक्ष्य रखें।

             शीर्ष 12 टीमें डिवीजन ए में प्रतिस्पर्धा करेंगी जिन्हें आगे तीन-तीन टीमों के चार पूल में विभाजित किया जाएगा और वे अपने-अपने पूल के भीतर लीग प्रारूप में खेलेंगे। प्रत्येक पूल से शीर्ष दो टीमें नौ मार्च को होने वाले क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। उसके बाद 10 मार्च को सेमीफाइनल और 12 मार्च को फाइनल के साथ तीसरे तथा चौथे स्थान का प्लेऑफ मैच होगा।  इस डिवीजन में आखिरी दो पायदान पर रहने वाली टीमें अगले सत्र के लिए डिवीजन बी में खिसक जायेंगी।  डिवीजन ए में पहुंचने के लक्ष्य के साथ डिवीजन बी में नौ टीमें प्रतिस्पर्धा करेंगी। यहां पांच टीमें पूल ए में हैं और चार टीमें पूल बी में हैं।

             हॉकी इंडिया ने बताया  ‘‘ डिवीजन बी की शीर्ष दो टीमें अगले सत्र के लिए डिवीजन ए में पहुंच जायेंगी जबकि नीचे की दो टीम डिवीजन सी में चली जायेंगी। डिवीजन बी में कोई नॉकआउट राउंड आयोजित नहीं किया जाएगा। प्रमोशन और रेलीगेशन का फैसला लीग तालिका से होगा।’’ डिवीजन सी की टीमें भी केवल लीग मैच खेलेंगी  शीर्ष दो टीमें डिवीजन बी में जगह हासिल करेंगी। लीग चरण के दौरान तीनों डिवीजनों की टीमें अपने प्रदर्शन के आधार पर अंक अर्जित करेंगी। प्रत्येक टीम को जीत के लिए तीन अंक  ड्रॉ के लिए एक अंक और हार के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा।  डिवीजन ए में लीग चरण का समापन नॉकआउट चरण के साथ होगा जबकि डिवीजन बी और सी का समापन केवल लीग मैचों द्वारा निर्धारित अंतिम तालिका के आधार पर होगा।

             डिवीजन ए :  पूल ए: हॉकी हरियाणा  ओडियाा हॉकी संघ   हॉकी कर्नाटक,  पूल बी: हॉकी महाराष्ट्र  मणिपुर हॉकी  हॉकी पंजाब ,  पूल सी: हॉकी झारखंड  हॉकी मिजोरम  तमिलनाडु हॉकी यूनिट ,  पूल डी: हॉकी मध्य प्रदेश  हॉकी बंगाल  उत्तर प्रदेश हॉकी

डिवीजन बी : पूल ए: तेलंगाना हॉकी  हॉकी उत्तराखंड  असम हॉकी  हॉकी राजस्थान  बिहार हॉकी संघ, पूल बी: दिल्ली हॉकी  छत्तीसगढ़ हॉकी  हॉकी चंडीगढ़  हॉकी हिमाचल 

डिवीजन सी :  पूल ए: केरल हॉकी  दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव हॉकी  हॉकी गुजरात, पूल बी: हॉकी आंध्र प्रदेश  ले पुडुचेरी हॉकी  हॉकी अरुणाचल  हॉकी जम्मू और कश्मीर।

क्रेडिट : प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया
फोटो क्रेडिट : Wikimedia common

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