जापान ने मिसाइल रोधक क्षमता को मजबूत करने का संकल्प लिया

तोक्यो, उत्तर कोरिया की हथियार प्रणाली के संभावित खतरे के मद्देनजर, जापान ने सोमवार को अपनी मिसाइल रोधक क्षमता को मजबूत करने का संकल्प लिया। देश ने इस खतरे को ‘‘अधिक विविधतापूर्ण तथा जटिल“ बताया है।

उत्तर कोरिया के प्योंगयांग में शनिवार को सत्तारूढ़ पार्टी की 75वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित परेड के दौरान कई हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया गया जिसमें दो ऐसी मिसाइलें हैं जिन्हें विदेशी दर्शकों को पहली बार दिखाया गया है।

एक मिसाइल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल है। यह उत्तर कोरिया की मौजूदा इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में काफी बड़ी हैं जबकि दूसरी, एक मिसाइल का उन्नयन संस्करण प्रतीत होती है जिसे पनडब्बियों से छोड़ा जा सकता है।

जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव कातसुनोबू कैतो ने सोमवार को नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा, “ विविधतापूर्ण और जटिल खतरे की प्रतिक्रिया के क्रम में, हम अपनी व्यापक मिसाइल निरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए दृढ़ता से काम करेंगे।“

उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि उनमें से कुछ मिसाइलों को हमारे पारंपरिक उपकरणों से रोक पाना हमारे लिए मुश्किल होगा।

कैतो ने उत्तर कोरिया द्वारा प्रदर्शित की गई मिसाइल के बारे में जापान के विश्लेषण का विवरण देने से इनकार कर दिया है।

उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जापान अपने लोगों की सुरक्षा के लिए अमेरिका तथा अन्य संबंधित देशों के साथ सहयोग करना जारी रखेगा।

गौरतलब है कि तेजतर्रार पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के करीब आठ साल के कार्यकाल के दौरान, उत्तर कोरिया और चीन के बढ़ते खतरे के बीच जापान-अमेरिकी गठजोड़ के तहत जापान ने अपनी सेना की अंतरराष्ट्रीय भूमिका का विस्तार किया है।

क्रेडिट : पेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया

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